बरकत वाली सीनी। Barkat wali sini.
ज़मानए क़ह़त़ में रहमते आलम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भूक महसूस की तो बिन्ते रसूल हज़रते सय्यिदतुना फातिमा बतूल रजियल्लाहु अन्हा ने सीनी में एक …
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Islamic History Islamic History, Ghazwat, Khilafat aur Islami tareekh ke aham waqiat Hindi me.
ज़मानए क़ह़त़ में रहमते आलम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भूक महसूस की तो बिन्ते रसूल हज़रते सय्यिदतुना फातिमा बतूल रजियल्लाहु अन्हा ने सीनी में एक …
फ़ज़ाइले नमाज़ :- कुरआनो हदीस में नमाज़ की बहुत ज़्यादा फ़ज़ीलत बयान की गई है, चुनाँचे खुदाए तआला इरशाद फ़रमाता है, बेशक नमाज़ बे हयाई …
बीमार की नमाज़ का बयान: अगर बीमारी के सबब खड़े होकर नमाज़ नहीं पढ़ सकता कि मर्ज़ बढ़ जाएगा या देर में अच्छा होगा या …
बिला उज़्रे शरई नमाज़ क़ज़ा करना सख़्त गुनाह है जल्द से जल्द अदा करना और तौबह करना फ़र्ज़ है। मकरूह वक़्त के अलावा किसी वक़्त …
फ़िक़ही मसाइल :- मसअला :- हर मुकल्लफ़ यानी आक़िल बालिग पर नमाज़ फ़र्ज़ ऐन है इसकी फ़ज़ियत का मुन्किर काफ़िर है और जो क़स्दन छोड़े …
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम ने एक मरतबा हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से इरशाद फ़रमाया : ऐ अली ! रात को रोज़ाना पाँच …
अज़ाब दो क़िस्म के होते हैं ज़मीनी और आसमानी । ज़मीनी आफ़तों के लिये तो अल्लाह तआला और उसके रसूल सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने उसूल …
जिमाअ यानी हमबिस्तरी से फारिग होकर मर्दो औरत दोनों अलग-अलग हो जाऐं, फिर किसी साफ कपड़े से दोनों अपने-अपने मकामे मख़्सूस को साफ कर लें। …
कुरान :- अल्लाह तआला इरशाद फरमाता है: “तुम्हारी औरतें तुम्हारे लिये खेतियां हैं तो आओ अपनी खेतियों में जिस तरह चाहो।” जिमाअ के तरीक़े बहुत …
जिमाअ करना इन्सान की वह तबई और अहम ज़रूरत है जिसके बगैर इन्सान का सही तौर से ज़िन्दगी गुज़ारना मुश्किल बल्कि तकरीबन ना मुम्किन सा …