आज ही अल्लाह से माफ़ी माँग लें | Aaj Hi Allah se mafi mang le.
ज़िन्दगी की बेहतरीन तरतीब ज़िन्दगी में हमें आख़िरत को सामने रखकर अपनी ज़िन्दगी की तरतीब बनानी है। जहन्नम के अज़ाब को बरदाश्त करने का हौसला …
आप कौन सा घर चुनेंगे? Aap kaun sa ghar chunenge.
दो मकानों में से बेहतरीन चयन अब फैसला हमको करना है कि हमारी मन्ज़िल कौन सी होनी चाहिए। अगर किसी औरत से पूछा जाए कि …
तौबा का दरवाज़ा आज भी खुला है | Tauba ka darwaza Aaj bhi khula hai.
अल्लाह तआला की नजदीकियां कैसे हासिल हो? जब तक इनसान गुनाहों को न छोड़े उस वक़्त तक उसको अल्लाह की नजदीकी हासिल नहीं हो सकती। …
आपका घर जन्नत में होगा या जहन्नम में? Aapka Ghar Jannat mein hoga ya jahannum mein.
आख़िरत के दो मकान अल्लाह रब्बुल्-इज़्ज़त ने हर इनसान के लिए आख़िरत के दो मकान तैयार किये हैं। एक जन्नत में दूसरा जहन्नम में। अगर …
आप किस रास्ते पर चल रहे हैं? Aap kis raste per chal rahe hain
हम कहाँ जा रहे हैं? एक बुजुर्ग फरमाते थेः ऐ दोस्त ! तेरा उठने वाला हर कदम या तुझे जन्नत के करीब कर रहा है …
जब फ़रिश्ते क़ुरआन सुनने ज़मीन पर उतर आए |Jab farishte Quran sunane jameen per utar Aaye.
तिलावत की आवाज़ पर फरिश्ते उतर पड़े एक सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु अपने घर में तहज्जुद की नमाज़ में कुरआन पढ़ रहे हैं, तबियत पर कैफ …
हिजरत का यादगार लम्हा |Hijrat ka yadgar lamha
सिद्दीके अकबर के सिक व वफा की इन्तिहा जब गारे सौर में पहुँचने के लिए पहाड़ पर चढ़ने का वक़्त था तो नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु ताआला …
सितारों से भी ज़्यादा नेकियाँ! Sitaron Se bhi jyada Nekiya.
सिद्दीके अकबर रज़ियल्लाहु अन्हु की नेकियाँ सितारों की मानिन्द : एक दफा हज़रत आएशा रज़ियल्लाहु अन्हा आराम फरमा रही थीं। आसमान पर सितारे चमक रहे …
नबी ﷺ की मुहब्बत का बेमिसाल वाक़िआ| Nabi ki Mohabbat ka bemisal waqia.
सिद्दीके अकबर के इश्क़ व वफ़ा की हद तो देखिए एक दफा नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हरम शरीफ में थे। कुफ़्फ़ार ने आकर नबी अलैहिस्सलातु …
