शादी की रस्में |Shaadi ki rasmen.
निकाह की रस्में निकाह में जो चीजें फ़र्ज़ हैं, वे सिर्फ दो हैं- कम से कम दो गवाहों की मौजूदगी और ईजाब व कबूल और …
बच्चों की सालगिरह मनाना कैसा है इस्लाम में? Bacchon ki Salgirah manana kaisa hai Islam mein
बच्चों की सालगिरह आजकल मुसलमानों के बीच बच्चों की सालगिरह (Birthday) मनाने का रिवाज बहुत आम हो गया है। हालाँकि यह एक गैर-शरई रस्म है। …
ग़ीबत और चुगलखोरी में क्या फ़र्क है? Gibat aur chugalkhori mein kya fark Hai
ग़ीबत और चुगलखोरी में फर्क ग़ीबत और चुगलखोरी में थोड़ा सा फर्क है। गीबत कहते हैं अगर कोई आदमी किसी की तारीफ करे तो उसे …
कहीं आप भी इन बड़े गुनाहों में शामिल तो नहीं? Kahin aap bhi ine bade gunahon mein Shamil to nahin
कबीरा गुनाहों की सूची मुख्तसर तौर पर हम हाफिज़ ज़हबी की किताब से कबीरा यानी बड़े-बड़े गुनाहों की फेहरिस्त लिखते हैं: (1) शिर्क और शिर्क …
ग़ीबत: एक गुनाह जो जन्नत से दूर कर सकता है | Geebat ek Gunah Jo Jannat Se dur kar sakta hai
ग़ीबत ग़ीबत गुनाहे कबीरा है। आज मुसलमान इसमें बहुत ज़्यादा मुब्तला हैं और औरतें तो खुसूसियत से इस में इमाम ही हैं, हालांकि कुरआन पाक …
आज ही अल्लाह से माफ़ी माँग लें | Aaj Hi Allah se mafi mang le.
ज़िन्दगी की बेहतरीन तरतीब ज़िन्दगी में हमें आख़िरत को सामने रखकर अपनी ज़िन्दगी की तरतीब बनानी है। जहन्नम के अज़ाब को बरदाश्त करने का हौसला …
आप कौन सा घर चुनेंगे? Aap kaun sa ghar chunenge.
दो मकानों में से बेहतरीन चयन अब फैसला हमको करना है कि हमारी मन्ज़िल कौन सी होनी चाहिए। अगर किसी औरत से पूछा जाए कि …
तौबा का दरवाज़ा आज भी खुला है | Tauba ka darwaza Aaj bhi khula hai.
अल्लाह तआला की नजदीकियां कैसे हासिल हो? जब तक इनसान गुनाहों को न छोड़े उस वक़्त तक उसको अल्लाह की नजदीकी हासिल नहीं हो सकती। …
आपका घर जन्नत में होगा या जहन्नम में? Aapka Ghar Jannat mein hoga ya jahannum mein.
आख़िरत के दो मकान अल्लाह रब्बुल्-इज़्ज़त ने हर इनसान के लिए आख़िरत के दो मकान तैयार किये हैं। एक जन्नत में दूसरा जहन्नम में। अगर …
