जिमाअ का बयान। Jima ka bayan.
जिमाअ यानी हमबिस्तरी की ख़्वाहिश एक फितरी यानी कुदरती जज़्बा है जो हर ज़ीरूह में खिलकतन पाया जाता है। इसे बताने की ज़रूरत नहीं होती। …
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जिमाअ यानी हमबिस्तरी की ख़्वाहिश एक फितरी यानी कुदरती जज़्बा है जो हर ज़ीरूह में खिलकतन पाया जाता है। इसे बताने की ज़रूरत नहीं होती। …
जिमाअ से वह रद्दी फुज़्ला जो जिस्म में बेकार जमा हो जाता है वह ख़ारिज हुआ करता है जिससे जिस्म हल्का, तबीअत चाको चोबंद, मिज़ाज …
मुसलमान औरतों के लिए पर्दा बहुत ज़रूरी है और बेपर्दगी इन्तिहा दर्जें की बेहयाई व बेग़ैरती का सबब है। कुरान :- अल्लाह तआला इरशाद फरमाता …
मेहमान नवाज़ी हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम बगैर मेहमान के खाना तनावुल न फरमाते थे। आप अलैहिस्सलाम के घर कोई मेहमान …
मर्द को चाहिये कि कम से कम चार माह में एक बार अपनी बीवी से सोहबत ज़रूर करे, बिला वजह औरत को छोड़ कर बहुत …
हदीस :- हज़रत अबु सईद रज़ियल्लाहु अन्हु से मरवी है कि नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः “एक मर्द दूसरे मर्द के सतर की जगह …
बगैर दावत किसी के घर जाना आजकल आमतौर पर देखा जा रहा है बल्कि रिवाज सा बन गया है कि लोग शादी ब्याह या वलीमे …
मुर्दा जब आलमे क़ब्र में दाखिल हो जाता है तो क़ब्र दोनों एतराफ से उसे दबाती है यानी तंग हो जाती है इसे ज़गता क़ब्र …
इश्के इलाही के मैदान में सैय्यदना हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने मज़बूत कदम रखा। अल्लाह तआला ने जब उनको आज़माया तो वह इस आज़माइश में कामयाब …
एक सहाबिया रज़ियल्लाहु अन्हा का अजीब वाकिआ लिखा है कि उनकी शादी हुई। अल्लाह तआला ने उनको हुस्न व जमाल भी अजीब दिया था और …