27/07/2026
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कुरआन शरीफ की कौन-सी सूरह किस परेशानी के लिए पढ़ें? | कर्ज़, नौकरी, निकाह, औलाद, शिफ़ा और हिफाज़त का इस्लामी तरीका|Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen? | Karz, Naukri, Nikah, Aulaad, Shifa Aur Hifazat Ka Islami Tariqa

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Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?
Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

क़ुरआन शरीफ़ सिर्फ़ तिलावत के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए हिदायत, रहमत और बरकत की किताब है। इसमें ऐसी मुबारक सूरह मौजूद हैं जिनकी तिलावत से इंसान अल्लाह तआला का क़ुर्ब हासिल करता है, दिल को सुकून मिलता है और ज़िंदगी की परेशानियों में अल्लाह से मदद मांगने का ज़रिया बनता है।

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि कर्ज़, रोज़ी, नौकरी, निकाह, औलाद, बीमारी, जादू से हिफाज़त, घरेलू सुकून और दूसरी मुश्किलात के लिए कौन-सी सूरह पढ़ी जाती हैं और उनकी क्या फ़ज़ीलत बयान की गई है। साथ ही यह भी समझेंगे कि असली मदद सिर्फ़ अल्लाह तआला ही की तरफ़ से आती है और क़ुरआन की तिलावत ईमान, तौबा, सब्र और दुआ के साथ करनी चाहिए।

अगर आप क़ुरआन शरीफ़ की मुबारक सूरह की फ़ज़ीलत और उनसे जुड़ी इस्लामी मालूमात आसान हिन्दी में जानना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल को आखिर तक ज़रूर पढ़ें। इंशाअल्लाह, यह आपके इल्म में इज़ाफ़ा करेगा और आपको क़ुरआन से अपना रिश्ता मज़बूत करने की प्रेरणा देगा।

सूरह आले इमरान

जो आदमी क़र्ज़ में मुब्तला हो या बहुत ज्यादा कर्ज़दार हो गया हो अगर वह रोज़ाना सात मर्तबा यह सूरह पढ़ेगा तो इंशाल्लाह वह उस क़र्ज़ से आज़ाद हो जायेगा और अल्लाह तआला क़र्ज़ से आज़ाद करने के बाद उसकी रोज़ी का इंतेज़ाम भी कर देगें। अगर आप क़र्ज़ से परेशान हैं तो इस सूरह को कसरत से पढ़े इंशाल्लाह आपकी यह मुसीबत दूर हो जाएगी।

सूरह निसा

अगर मियाँ बीवी में मनमुटाव हो गया हो या रिश्ते में दरार आ चुकी है। तो इस सूरह को पानी पर दम करके अगर मियाँ बीवी को पिलाया जाये तो तो दोनों में फिर से मोहब्बत पैदा हो जाएगी और बिगड़ते रिश्ते सुधरने लग जायेंगे और आपसी मनमुटाव दूर हो जायेगा और इंशाल्लाह घर का माहौल फिर से खुशगवार हो जायेगा।

सूरह आराफ़

इस सूरह को रोज़ कम से कम तीन मर्तबा पढ़ने वाला शख्स बुरी बालाओं और मुसीबतों से महफूज़ रहेगा। बड़ी से बड़ी आफत और मुसीबत उससे दूर रहेगी और बंदा शैतानी वस्वसे से भी दूर रहेगा ।

सूरह युसूफ

अगर किसी को क़ुरान की कोई सूरह याद नहीं हो रही है या कोई शख्स कुरान हाफिज बनना चाहता हैं तो उसे चाहिए की सबसे पहले सूरह युसूफ याद करे । इसकी बरकत से आपको पूरा कुरान शरीफ याद हो जायेगा और हमेशा याद रहेगा।

अगर किसी शख्स को बिना वजह से नौकरी से निकाल दिया गया हैं या गलत तरीके से उसे नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा हैं तो ऐसे शख्स को चाहिए की वह सूरह युसूफ रोज़ाना नमाज़ के बाद 13 मर्तबा पढ़े इंशाल्लाह उसकी नौकरी वापिस बहाल हो जाएगी और आगे नौकरी में कभी दिक्कत नहीं आएगी।

ये भी पढ़ें: कुरआन मजीद को सही तरीके से कैसे समझें?हर मुसलमान के लिए ज़रूरी जानकारी

कोई गरीब आदमी या जिस के पास माल और दौलत खत्म हो रहा हैं और खाना पीना भी मुश्किल हो रहा हैं वह भी इस सूरह को पाबन्दी से रोज़ाना पढ़ कर अल्लाह से दुआ मांगे इंशाल्लाह उसकी गरीबी ख़त्म हो जाएगी।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

सूरह इब्राहिम

अगर किसी शख्स पर जादू करके उसे नामर्द बना दिया गया हो या किसी की मर्दाना ताकत किसी वजह से ख़त्म हो गयी हो तो उसे चाहिए की वह रोज़ाना तीन बार यह सूरह पढ़े इंशाल्लाह जादू का असर खत्म हो जायेगा और उसकी मर्दाना ताकत वापिस बहाल हो जाएगी।

सूरह बनी इसराइल

घर में कोई बच्चा कमज़ोर दिमाग वाला हो या उसे बोलने में दिक्कत आती हो या बोल ही नहीं पाता हो और चीज़ो को समझ ही नहीं पाता हो तो मुश्क व ज़ाफ़रान से इस सूरह को लिख कर पानी में घोल कर पिए इंशाल्लाह बच्चा साफ़ बोलने लगेगा और उसका दिमाग एक नार्मल बच्चे जैसा हो जायेगा।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

सूरह ताहा

अगर किसी लड़की का निकाह न हो रहा हो या निकाह में रुकावट आ रही हो तो ये यह सूरह दिन में 21 मर्तबा रोज़ पढ़े इंशाल्लाह जल्द ही अच्छे रिश्ते की खबर आएगी और नेक मर्द से उसकी शादी भी हो जाएगी और रिश्ते में भी आगे कोई रुकावट या नफरत पैदा नहीं होगी।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

सूरह मरियम और सूरह कौसर

अगर किसी औरत के बच्चा ठहरने में दिक्कत आ रही हैं या किसी वजह या रुकावट से बच्चा नही हो रहा हो तो ऐसी औरत को चाहिए की सूरह मरियम रोज़ाना एक मर्तबा वज़ू करके रोज़ पाबन्दी से पढ़े इसके साथ आप सूरह कौसर भी पढ़े इंशाल्लाह आपको जल्द ही खुशखबरी मिलेगी और बच्चा होने के वक़्त भी ज़्यादा तक़लीफ़ नहीं होगी।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

सूरह यासीन

सूरह यासीन की फ़ज़ीलत के बारे में हमने पहले भी एक विडिओ अपलोड कर रखी हैं जिसे आप सुन सकते हैं हम वापिस इस सूरह को पढ़ने के फायदे के बारे में आपको बातएंगे।

सूरह यासीन को कुरान का दिल कहा जाता है। इसे क़ुरान में सबसे बेहतरीन और बरकत वाली सूरह में शुमार किया जाता हैं। इसे पढ़ने के काफी सारे फायदे हैं जो इस तरह है,

अगर आप किसी मुसीबत में फंस चुके हो और कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा हो तो सूरह यासीन पढ़े इंशाल्लाह आपकी मुसीबत आसानी से दूर हो जाएगी।

ये भी पढ़ें: आयतुल कुर्सी की फ़ज़ीलत: 10 हैरतअंगेज़ फ़ज़ाइल और बरकतें | कुरआन व हदीस की रोशनी में

अगर किसी औरत के बच्चा होने के आखरी महीने में अगर आप चाहते हो की उसे कोई परेशानी न हो या कहे बच्चे की डिलीवरी आसानी से बिना किसी खतरे के हो जाये तो आपको चाहिए की यासीन शरीफ पानी पर दम करके वह पानी उस औरत को पिला दे इंशाल्लाह बच्चे की डिलीवरी आसानी से हो जाएगी।

अगर आपका कोई दुश्मन हैं जो आपको मारना चाहता हैं या आपको परेशान करना चाहता हैं तो आप जुमे के दिन फज्र की नमाज़ के बाद एक मर्तबा यासीन शरीफ पढ़े और ऐसे लोगो से बचने की दुआ मांगे इंशाल्लाह वह दुश्मन आप के आस पास भी नहीं भटकेगा ।

सूरह यासीन को पढ़ने से बीमारी में भी शिफा हासिल होती है और इसको पाबन्दी से पढ़ने वाला शख्स कभी किसी गंभीर बीमारी का शिकार नहीं होता।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

सूरह बक़रह

यह क़ुरान पाक की सबसे बड़ी सूरह हैं इसे पढ़ने का सवाब तो है ही साथ ही साथ यह सूरह आपको काफी मुसीबतों और परेशानियों से भी बचाती हैं। जो शख्स इस सूरह को दिन में एक बार अगर दिन में न हो सके तो हफ्ते में एक बार इस सूरह को दिल से पढ़ता हैं तो उस शख्स की उम्र में बरकत होती हैं।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

अगर आपके घर पर या आस पास ज़हरीले जानवर जैसे सांप या कुछ और जिससे जान को खतरा हैं। तो आपको चाहिए की सूरह बक़रह पढ़ कर पानी में दम करके उसमे थोड़ा और पानी मिलकर किसी बोतल में भर ले और वह पानी घर के चारो और जहाँ से जानवर घर में घुसता हैं वहां वह पानी थोड़ा थोड़ा डाले इंशाल्लाह घर में कभी कोई ज़हरीला जानवर नहीं घुसेगा ।

सूरह बक़रह आपको जादू टोन से भी बचाता है आप अगर कही जा रहे है और आपको लगता है यह जगह सही नहीं हैं मतलब उस जगह शैतान हवा में घूमते हैं तो आपको चाहिए की सूरह बक़रह पढ़ कर जाये तो आप शैतानी वसवसे से दूर रहेंगे और कोई जादू टोना आप पर असर नहीं करेगा।

इसके अलावा भी इस सूरह के काफी फायदे हैं जो इंशाल्लाह हम आपको अगले विडिओ में बताने की कोशिश करेंगे।

ये भी पढ़ें: सूरह फील और अबाबील का वाकिआ: अल्लाह ने कैसे काबा की हिफाज़त की? | कुरआन की सच्ची कहानी

FAQ (सवाल और जवाब)

1. क्या क़ुरआन की हर सूरह की अलग-अलग फ़ज़ीलत है?

जवाब: जी हाँ, क़ुरआन की हर सूरह की अपनी फ़ज़ीलत और बरकत है। कुछ सूरहों की विशेष फ़ज़ीलत कुरआन और सहीह हदीसों में भी बयान की गई है।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

2. कर्ज़ से निजात के लिए कौन-सी सूरह पढ़ी जाती है?

जवाब: अल्लाह तआला से कर्ज़ से निजात की दुआ के साथ क़ुरआन की तिलावत करना बहुत अच्छा अमल है। साथ ही रोज़ी में बरकत और कर्ज़ से राहत के लिए दुआ, इस्तिग़फ़ार और हलाल कमाई का एहतिमाम भी ज़रूरी है।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

3. निकाह में रुकावट हो तो क्या करना चाहिए?

जवाब: सबसे पहले अल्लाह से ख़ुलूस के साथ दुआ करें, पाँचों वक्त की नमाज़ की पाबंदी करें, इस्तिग़फ़ार करें और क़ुरआन की तिलावत करें। हर काम में अल्लाह पर भरोसा रखें।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

4. औलाद की नेमत के लिए कौन-सी सूरह पढ़ सकते हैं?

जवाब: औलाद की नेमत के लिए क़ुरआन की तिलावत, दुआ, इस्तिग़फ़ार और अल्लाह से सच्चे दिल से मदद माँगना सबसे बेहतर अमल है। अल्लाह जिसे चाहता है, अपनी रहमत से औलाद अता फ़रमाता है।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

5. क्या सूरह यासीन पढ़ने की बहुत फ़ज़ीलत है?

जवाब: जी हाँ, सूरह यासीन की फ़ज़ीलत के बारे में कई रिवायतें मशहूर हैं। मुसलमान इसे बरकत और सवाब की नीयत से पढ़ते हैं और अल्लाह से अपनी मुश्किलों के हल की दुआ करते हैं।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

6. क्या सूरह बक़रह घर में पढ़ने से बरकत होती है?

जवाब: जी हाँ, सहीह हदीसों में घर में सूरह बक़रह की तिलावत की फ़ज़ीलत बयान हुई है। इसकी तिलावत से घर में बरकत होती है और शैतानी असर से हिफाज़त की उम्मीद की जाती है।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

7. क्या सिर्फ़ सूरह पढ़ने से हर परेशानी दूर हो जाती है?

जवाब: क़ुरआन शिफ़ा और रहमत है, लेकिन हर काम अल्लाह की मर्ज़ी से होता है। इसलिए तिलावत के साथ दुआ, सब्र, तौबा, नेक अमल और ज़रूरी दुनियावी कोशिशें भी करनी चाहिए।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

8. क़ुरआन पढ़ने का सही तरीका क्या है?

जवाब: वुज़ू के साथ, तजवीद का ख़याल रखते हुए, समझकर और अमल की नीयत से क़ुरआन पढ़ना सबसे बेहतर तरीका है।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

9. क्या हर मुसलमान को रोज़ क़ुरआन पढ़ना चाहिए?

जवाब: जी हाँ, हर मुसलमान को रोज़ाना क़ुरआन की तिलावत करने की कोशिश करनी चाहिए, चाहे थोड़ी ही क्यों न हो। इससे दिल को सुकून मिलता है और ईमान मज़बूत होता है।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

10. इस लेख का सबसे बड़ा पैग़ाम क्या है?

जवाब: सबसे बड़ा पैग़ाम यह है कि क़ुरआन शरीफ़ अल्लाह की हिदायत की किताब है। इसकी तिलावत, समझ और उस पर अमल करने से दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हासिल होती है। इसलिए क़ुरआन को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाइए और हर हाल में अल्लाह तआला पर भरोसा रखिए।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

अल्लाह से एक दिली दुआ…

ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

प्यारे भाइयों और बहनों :-

अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे। इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें। अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।Quran Sharif Ki Kaun-si Surah Kis Pareshani Ke Liye Padhen?

जज़ाकल्लाह खैर….

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