रमज़ानुल मुबारक की आख़री शब कैसे गुज़ारें?How to spend the last night of Ramzanul Mubarak?
माहे रमजानुल मुबारक में हम रोज़ा रखते हैं, नवाफिल पढ़ते हैं, तरावीह का एहतेमाम करते हैं, कुरआन मुकद्दस की तिलावत करते हैं, गरीबों की मदद …
ईदुल फित्र का बयान।Eid al-Fitr ka bayan.
हमारा ख्याल यह है कि इसमें सिर्फ हमें दो रकअत नमाज़ अदा करने के बाद घूम फिर के और फुजूल कामों में …
इफ़तार का बयान । Iftar Ka Bayan
जब बंदा दिन भर सब्र व ज़ब्त का मुज़ाहेरा करके रोज़ा को मुकम्मल करता है और मगरिब का वक़्त आता है तो वह हलाल चीजें …
जंगे बद्र का असली सबब ।The real reason behind Jange Badr.
जंगे बद्र का सबबः “अम्र बिन अल हज़रमी” के कत्ल से कुफ्फारे कुरैश में फैला हुआ जबर्दस्त इशतेआल था जिस से हर काफिर की जुबान …
किन चीजों से रोज़ा टूट जाता है ?Kin cheejo se roza toot jaata hai ?
जिन चीज़ों से रोज़ा नहीं टूटता :- मस्अलाः- भूल कर खाना खाया, पिया, जिमा किया रोजा न टूटा। ख्वाह रोज़ा फर्ज़ हो या नफिल। मस्अला …
ज़कात किस पर वाजिब है ? Zakat Kis Par Wazib hai.
ज़कात हर उस मुसलमान पर वाजिब है जो आकिल, बालिग, आज़ाद, मालिके निसाब हो और निसाब का पूरे तौर पर मालिक हो, निसाबे दीन और …
रोज़ा के फज़ाईल अहादीष की रोशनी में । In the light of Fazail Ahadith of Roza.
हज़रत अबू हुरैरा रज़ियल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया कसम है उस जात की जिसके कब्ज़-ए-कुदरत में …
माहे रमज़ान का इस्तकबाल किस तरह करें? How to welcome the month of Ramadan?
मस्नून है कि 29 शाबानुल मुअज़्ज़म को बाद नमाज़े मगरिब चाँद देखा जाए, चाँद नज़र आ जाए तो दूसरे दिन से रोज़ा रखा जाए और …
मुसलमान से अल्लाह के लिए मुहब्बत करना। To love a Muslim for the sake of Allah.
हज़रत बरा बिन आज़िब रज़ियल्लाहु अन्हुमा फ़रमाते हैं कि हम लोग नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास बैठे हुए थे कि इतने में …
