हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु की शुजाअत व इल्म व फज़्ल। Hazrat Ali Raziallahu anhu ki sujaat ilm va fazl.

शुजाअत व दिलेरी में सारे अरब में कोई भी हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु का मुकाबला नहीं कर सकता था। आपकी गैर मामूली जुर्रात ही की …

मुबाशिरत के औकात। Mubashirat ke aukat.

शरीअत ने जिमाअ के लिये कोई खास वक़्त मुकर्रर नहीं किया है। हाँ, बअज़ शरई अवारिज़ की मौजूदगी में जिमाअ करना मना है। जैसेः रोज़ा, …

नमाज़े जनाज़ा पढ़ने का तरीक़ा। Namaje janaza padhne ka tarika.

नमाज़े जनाज़ा की नियत :- नियत की मैंने नमाज़े जनाज़ा पढ़ने की मय चार तकबीरों के, सना वास्ते अल्लाह तआला के, दुरूद शरीफ़ वास्ते रसूलुल्लाह …

बरकत वाली सीनी। Barkat wali sini.

ज़मानए क़ह़त़ में रहमते आलम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भूक महसूस की तो बिन्ते रसूल हज़रते सय्यिदतुना फातिमा बतूल रजियल्लाहु अन्हा ने सीनी में एक …

बीमार और मुसाफ़िर की नमाज़ का बयान।Bimar aur Musafir ki Namaz ka bayan.

बीमार की नमाज़ का बयान: अगर बीमारी के सबब खड़े होकर नमाज़ नहीं पढ़ सकता कि मर्ज़ बढ़ जाएगा या देर में अच्छा होगा या …

क़ज़ा नमाज़ और क़ज़ाए उमरी का बयान।Qaza Namaz aur Qaza-e-Umri ka bayan.

बिला उज़्रे शरई नमाज़ क़ज़ा करना सख़्त गुनाह है जल्द से जल्द अदा करना और तौबह करना फ़र्ज़ है। मकरूह वक़्त के अलावा किसी वक़्त …

फ़िक़ही मसाइल और तर्के नमाज़ की सजाएं।Fiqhi masail aur tark-e-namaz ki sazaein.

फ़िक़ही मसाइल :- मसअला :- हर मुकल्लफ़ यानी आक़िल बालिग पर नमाज़ फ़र्ज़ ऐन है इसकी फ़ज़ियत का मुन्किर काफ़िर है और जो क़स्दन छोड़े …

सोने से पहले का खास वजिफा। Sone Se pahle Ka khas wazifa.

  नबी-ए-करीम सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम ने एक मरतबा हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से इरशाद फ़रमाया : ऐ अली ! रात को रोज़ाना पाँच …