हज़रते सय्यिदुना ताऊस यमानी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फ़रमाते हैं : मैं ने हज़रते सय्यिदुना इमाम हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से पन्द्रह शा’ बानुल मुअज़्ज़म की रात इबादत के मुतअल्लिक पूछा, तो आप रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने फरमाया: मैं इस रात के तीन हिस्से करता हूं, एक तिहाई हिस्से में अपने नानाजान, रहमते आलमिय्यान सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम पर दुरूदे पाक पढ़ता हूं अल्लाह अज़वाजल के इस फरमान पर अमल करते हुवे तर्जमए कन्जुल ईमान : ऐ ईमान वालो ! उन पर दुरूद और खूब सलाम भेजो।
एक तिहाई हिस्से में अल्लाह अज़वाजल की बारगाह में तौबा व इस्तिगफ़ार करता हूं, अल्लाह अज़वाजल के इस हुक्म पर अमल करते हुवे तर्जमाए कन्जुल ईमान : और अल्लाह उन्हें अज़ाब करने वाला नहीं जब तक वोह बख़्शिश मांग रहे हैं और आखिरी तिहाई हिस्से में अल्लाह अज़वाजल के फ़रमान पर अमल करते हुवे रुकूअ व सुजूद करता हूं ।
हज़रते सय्यिदुना ताऊस यमानी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते हैं मैं ने अर्ज़ की: ऐसा करने वाले के लिये क्या शबे बराअत की अहम्मिय्यत और तौबा के फ़ज़ाइल सवाब है ?
हज़रते सय्यिदुना हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फ़रमाते हैं : मैं ने अपने वालिद हज़रते सय्यिदुना अलिय्युल मुर्तजा रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से सुना है कि नबिय्ये करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया : जो निस्फ़ शा’बान की रात को ज़िन्दा करेगा या’नी उस रात इबादत करेगा वोह मुकर्रबीन में लिखा जाएगा।
अल्लाह से एक दिली दुआ…
ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।
प्यारे भाइयों और बहनों :-
अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।
क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे।
इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें।
अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।
जज़ाकल्लाह ख़ैर….
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