पहली नज़र माफ़, दूसरी हराम|Pehli Nazar maaf dusri Haram amazing story
पहली नज़र माफ़, दूसरी हराम| अचानक नज़र माफ़ है कई मर्तबा ऐसा होता है कि राह चलते या आते-जाते गैर-महरम औरत सामने आ जाती है …
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पहली नज़र माफ़, दूसरी हराम| अचानक नज़र माफ़ है कई मर्तबा ऐसा होता है कि राह चलते या आते-जाते गैर-महरम औरत सामने आ जाती है …
ग़ीबत और चुगलखोरी में फर्क ग़ीबत और चुगलखोरी में थोड़ा सा फर्क है। गीबत कहते हैं अगर कोई आदमी किसी की तारीफ करे तो उसे …
कबीरा गुनाहों की सूची मुख्तसर तौर पर हम हाफिज़ ज़हबी की किताब से कबीरा यानी बड़े-बड़े गुनाहों की फेहरिस्त लिखते हैं: (1) शिर्क और शिर्क …
ज़िन्दगी की बेहतरीन तरतीब ज़िन्दगी में हमें आख़िरत को सामने रखकर अपनी ज़िन्दगी की तरतीब बनानी है। जहन्नम के अज़ाब को बरदाश्त करने का हौसला …
दो मकानों में से बेहतरीन चयन अब फैसला हमको करना है कि हमारी मन्ज़िल कौन सी होनी चाहिए। अगर किसी औरत से पूछा जाए कि …
अल्लाह तआला की नजदीकियां कैसे हासिल हो? जब तक इनसान गुनाहों को न छोड़े उस वक़्त तक उसको अल्लाह की नजदीकी हासिल नहीं हो सकती। …
आख़िरत के दो मकान अल्लाह रब्बुल्-इज़्ज़त ने हर इनसान के लिए आख़िरत के दो मकान तैयार किये हैं। एक जन्नत में दूसरा जहन्नम में। अगर …
हम कहाँ जा रहे हैं? एक बुजुर्ग फरमाते थेः ऐ दोस्त ! तेरा उठने वाला हर कदम या तुझे जन्नत के करीब कर रहा है …
तिलावत की आवाज़ पर फरिश्ते उतर पड़े एक सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु अपने घर में तहज्जुद की नमाज़ में कुरआन पढ़ रहे हैं, तबियत पर कैफ …
गुलाब के फूल पर शबनम इश्क व मुहब्बत की यह दास्तान भी अजीब है कि गारे सौर में जिस सूराख़ पर सैय्यदना सिद्दीके अकबर ने …