Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि अगर कोई जानवर बिना शरई तरीके से ज़िबह किए मर जाए, तो उसकी खाल का इस्तेमाल करना जायज़ है या नहीं? क्या ऐसी खाल पाक हो सकती है, और अगर हो सकती है तो उसका सही तरीका क्या है? इन सवालों के जवाब हर मुसलमान के लिए जानना ज़रूरी है।
इस आर्टिकल में हम सही हदीस और शरीअत की रोशनी में जानेंगे कि मुर्दार जानवर की खाल कब और कैसे पाक होती है, दबागत (Tanning) क्या है, किन जानवरों की खाल इस्तेमाल की जा सकती है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप इस मसले की सही और आसान इस्लामी जानकारी चाहते हैं, तो इस लेख को आखिर तक ज़रूर पढ़ें।
हदीस
हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि उम्मुल-मोमिनीन हज़रत मैमूना रज़ियल्लाहु अन्हा की बाँदी को किसी ने सदके में एक बकरी दे दी थी। बाद में वह बकरी मर गयी। हुजूरे अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का उधर से गुज़र हुआ तो आप सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया तुमने इसकी खाल उतार कर दबागत करके यानी उसको नमक या मसाला वगैरह लगाकर के इस्तेमाल के काबिल बनाकर अपने इस्तेमाल में क्यों न ले ली। लोगों ने अर्ज़ किया कि यह मुर्दार है यानी अपनी मौत मरी है, शरई तरीके पर ज़िबह नहीं की गयी आपने फरमाया सिर्फ इसका खाना हराम किया गया है। (मिश्कात शरीफ पेज 53)
तशरीह
इनसानों के इस्तेमाल के लिए अल्लाह तआला ने बहुत-सी चीजें पैदा फ़रमायी हैं, जिनके बर्तन वगैरह बना लेते हैं। फिर उन बर्तनों में इस्तेमाल करने की चीजें रखते हैं। ये चीजें जिनसे बर्तन बनाते हैं मादनियात (खनिज पदार्थ) भी हैं जैसे लोहा, ताँबा, पीतल, गिलट वगैरह और दरख़्तों की लकड़ियाँ भी, और मिट्टी और पत्थर से भी बहुत-से बर्तन बनाये जाते हैं। और जानवरों की खालों से भी तैयार होते हैं। खासकर पानी भरने के मश्क तो खाल ही के होते हैं। और बहुत-से इलाकों में तेल की कुप्पियाँ भी खाल से बनाते हैं।
जिसे हलाल जानवर को शरई तरीके पर ज़िबह कर लिया जाये तो उसकी खाल और गोश्त और चर्बी के पाक होने में कोई शक नहीं, अलबत्ता खाल में अगर किसी जगह गोबर या पेशाब लगा हुआ हो या ज़िबह करते वक़्त खून लग गया हो तो उसको धो डाले। और शरीअत के मुताबिक ज़िबह किये हुए जानवर की खाल के लिए ‘दबागत’ की ज़रूरत नहीं है।
वह बगैर दबाग़त के भी पाक है। और अगर कोई जानवर बगैर ज़िबह किये मर गया चाहे अपनी मौत मरा हो चाहे ऊपर से गिरकर मौत आयी हो या लाठी या बन्दूक से मारा गया हो। उसकी खाल और गोश्त और चर्बी नापाक हैं। ऐसे जानवर की खाल दबाग़त से पाक हो सकती है, अलबत्ता गोश्त और चर्बी वगैरह पाक नहीं हो सकते।
ऊपर ज़िक्र हुई हदीस में यही मसला इरशाद फरमाया है कि अगर बकरी वगैरह शरई तौर पर ज़िबह किये बगैर मर जाये तो उसकी खाल को दबागत देकर काम में ला सकते हैं। दबाग़त के बाद अगर उसका मश्क बना लिया और उसमें पानी भर दिया तो वह पानी नापाक न होगा। अगर उस खाल के मोज़े, दस्ताने, सदरी, टोपी, कोट वगैरह बना लिया और इन चीज़ों के बदन पर होते हुए नमाज़ पढ़ ली तो नमाज़ हो जायेगी।
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दबागत का मतलब यह है कि खाल को नमक या कोई मसाला, बबूल का बुरादा, मिट्टी वगैरह लगाकर गंदगी दूर कर दी जाये और उसको सुखा दिया जाये, जिससे सड़ने से महफूज़ हो जाये।
मसला
जिन जानवरों का खाना हराम है जैसे शेर, भेड़िया, गीदड़, बन्दर वगैरह, उनकी खाल भी दबाग़त से पाक हो जाती है।
मसला
अगर इन जानवरों को बिस्मिल्लाहि अल्लाहु अकबर कहकर कोई मुसलमान ज़िबह कर दे तब भी इनकी खाल पाक हो जाती है। इस सूरत में सुखाना, दवा लगाना, पाक होने के लिए शर्त नहीं है। लेकिन जिसका गोश्त खाना हराम है, उसका गोश्त शरई तौर पर ज़िबह करने से भी हलाल न होगा। अलबत्ता इस तरह उसकी खाल पाक हो जायेगी।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और जवाब
1. क्या मुर्दार जानवर की खाल इस्तेमाल करना जायज़ है?
जवाब: अगर जानवर बिना शरई ज़िबह के मर गया हो, तो उसकी खाल दबागत (Tanning) के बाद पाक हो जाती है और उसका इस्तेमाल किया जा सकता है।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
2. दबागत (Tanning) क्या होता है?
जवाब: दबागत का मतलब है खाल को नमक, बबूल की छाल, मसाला या दूसरी चीज़ों से साफ़ करके इस तरह तैयार करना कि उसकी गंदगी दूर हो जाए और वह सड़ने से महफूज़ रहे।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
3. क्या दबागत के बाद मुर्दार जानवर की खाल से बनी चीज़ें इस्तेमाल की जा सकती हैं?
जवाब: जी हाँ। दबागत के बाद उस खाल से बने मश्क, जूते, दस्ताने, बेल्ट, बैग आदि का इस्तेमाल करना जायज़ है।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
4. क्या दबागत के बाद मुर्दार जानवर का गोश्त भी पाक हो जाता है?
जवाब: नहीं। दबागत सिर्फ़ खाल को पाक करता है। गोश्त, चर्बी और दूसरी चीज़ें पाक नहीं होतीं और उनका इस्तेमाल जायज़ नहीं है।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
5. क्या हर जानवर की खाल दबागत से पाक हो जाती है?
जवाब: फ़िक्ह के मुताबिक, जिन जानवरों की खाल दबागत क़बूल करती है, उनकी खाल दबागत के बाद पाक हो जाती है। इस मसले की तफ़सील भरोसेमंद उलमा और फिक्ह की किताबों में मौजूद है।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
6. अगर हलाल जानवर को शरई तरीके से ज़िबह किया गया हो, तो क्या उसकी खाल को दबागत की ज़रूरत है?
जवाब: नहीं। शरई तरीके से ज़िबह किए गए हलाल जानवर की खाल पहले से ही पाक होती है। दबागत उसकी पाकी के लिए ज़रूरी नहीं है।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
7. क्या दबागत की हुई खाल पहनकर नमाज़ पढ़ सकते हैं?
जवाब: जी हाँ। जब खाल शरीअत के बताए तरीके से पाक हो जाए, तो उससे बने कपड़े या दूसरी चीज़ें पहनकर नमाज़ पढ़ना जायज़ है।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
8. इस मसले में सही जानकारी कहाँ से लेनी चाहिए?
जवाब: ऐसे मसाइल में हमेशा कुरआन, सही हदीस और भरोसेमंद उलमा की बताई हुई शरीअत की हिदायतों पर अमल करना चाहिए। बिना इल्म के अपनी राय या सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
अल्लाह से एक दिली दुआ…
ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
प्यारे भाइयों और बहनों :-
अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे। इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें। अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।Murdar Janwar Ki Khaal Pak Kaise Hoti Hai?
जज़ाकल्लाह खैर….
