इश्के इलाही के तीन इम्तिहान।Ishqe Ilahi ke teen Imtihan.
इश्के इलाही के मैदान में सैय्यदना हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने मज़बूत कदम रखा। अल्लाह तआला ने जब उनको आज़माया तो वह इस आज़माइश में कामयाब …
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इश्के इलाही के मैदान में सैय्यदना हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने मज़बूत कदम रखा। अल्लाह तआला ने जब उनको आज़माया तो वह इस आज़माइश में कामयाब …
एक सहाबिया रज़ियल्लाहु अन्हा का अजीब वाकिआ लिखा है कि उनकी शादी हुई। अल्लाह तआला ने उनको हुस्न व जमाल भी अजीब दिया था और …
हज के अरकान :- हज के चार अरकान है। (1) एहराम (2) वकूफे अरफात (3) तवाफे ज़ियारत (4) सई (बैन सफा व मरवा) अगर किसी …
अगर वक़्त में गुंजाइश हो और यौमे अरफा से कुछ दिन पहले मक्का में दाखिल होने का इमकान हो तो मुस्तहब है कि खूब अच्छी …
हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मोहतरम बीवी हज़रत आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा के मांज़ाद भाई हज़रत तुफैल के बेटे हज़रत ओफ़ रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं …
हज़रत इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा फ़रमाते हैं कि एक बार नुबूवत से पहले कुरैश बड़े अकाल के शिकार हो गए, यहां तक कि उन्हें पुरानी …
सय्यिदिना हज़रत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का सब्र :- हज़रत अबू सईद रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि मैं हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम …
हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं, हज़रत (माइज़ बिन मालिक) अस्लमी रज़ियल्लाहु अन्हु हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की खिदमत में हाज़िर हुए और …
माहे रमजानुल मुबारक में हम रोज़ा रखते हैं, नवाफिल पढ़ते हैं, तरावीह का एहतेमाम करते हैं, कुरआन मुकद्दस की तिलावत करते हैं, गरीबों की मदद …
हमारा ख्याल यह है कि इसमें सिर्फ हमें दो रकअत नमाज़ अदा करने के बाद घूम फिर के और फुजूल कामों में …