बिमार का हाल चाल पूछना।Bimaar ka Hal Chal Puchna.
नबी सल्ल. ने फ़रमाया कि अल्लाह कियामत के दिन फ़रमाएगा कि ऐ बनी आदम मैं बीमार हुआ और तू मेरी इयादत को न आया। मैंने …
Islamic Knowledge
नबी सल्ल. ने फ़रमाया कि अल्लाह कियामत के दिन फ़रमाएगा कि ऐ बनी आदम मैं बीमार हुआ और तू मेरी इयादत को न आया। मैंने …
सोहबत (हमबिस्तरी) से पहले खुशबू लगाना बेहतर है। खुशबू सरकारे मदीना सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम को बहुत पसंद थी । आप (स.व)हमेशा ख़ुशबू का …
जब औरत हैज़ (माहवारी) की हालत में हो तो उस से सोहबत करना सख्त गुनाहे कबीरा, ना जाइज़ व सख्त हराम हराम हराम है। इस …
Hazrat Hajra (RA) Aur Hazrat Ismail (AS) Ka Waqia हज़रत हाजरा रज़ियल्लाहु अन्हा और उनके साहबज़ादे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम का वाक़िआ ईमान, सब्र, तवक्कुल और …
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: ईदुल अज़्हा के दिन कोई नेक अमल अल्लाह पाक के नज़दीक कुर्बानी का खून बहाने से ज़्यादा महबूब …
Qiyamat Ke Din Aapke Haath, Pair Aur Zameen Kaise Gawahi Denge? क्या आपने कभी सोचा है कि क़ियामत के दिन इंसान के खिलाफ सबसे बड़े …
Hazrat Bilal Habshi (RA) Ki Zindagi: Imaan, Sabr हज़रत बिलाल हब्शी (रज़ि.) इस्लाम के सबसे बड़े सहाबा में से एक हैं। उनकी ज़िंदगी ईमान, सब्र …
अल्लाह वालों का ख़ौफ़ कुछ और तरह का होता है। उनको तकलीफें तो छोटी नज़र आती हैं। उनके दिल में एक बड़ी ग़मनाक कैफियत …
यहाँ एक नुक्ता समझने का यह है कि जो परवर्दिगार दूसरों की नाराज़गी को बरदाश्त नहीं करता, वह अगर खुद किसी बात पर नाराज़ हो …
एक बुज़ुर्ग बयान फरमाते हैं कि मैं ने एक शख़्स को मस्जिद के एक कोने में आह व ज़ारी के साथ गिड़गिड़ा कर आजज़ी से …