जुमे के दिन की अहमियत व फज़िलत। Jume ke Din ki Ahmiyat wa Fazilat.
जुमा का दिन वैसे तो सब दिन अल्लाह तआला के बनाए हुए हैं। मगर जुमे के दिन की अहमियत को बयान करते हुए अल्लाह के …
निकाह और मेहर की अहमियत।Nikah aur Mehar ki Ahmiyat.
यह सौ फीसद पक्की बात है कि जहाँ निकाह नहीं होगा वहाँ बदकारी होगा। इसलिए शरीअत ने निकाह की अहमियत को वाज़ेह किया है। आज …
बच्चे की तअलीम व तरबीयत ।Bachche ki Taleem wa Tarbiyat.
जब बच्चा बोलना शुरू करे तो उस को सब से पहले कलमा शरीफ सिखाए”। पहले ज़माने में माँएँ अपने बच्चों को अल्लाह, अल्लाह कह कर …
एक फाहिशा औरत और कुत्ते का वाकिआ। Ek Fahisha Aurat aur Kutte ka waqia.
हुज़ूर-ए-अकरम (स.व)का इर्शाद है कि एक फाहिशा औरत की इतनी बात पर बख्शिश कर दी गयी कि वह चली जा रही थी। उसने एक कुएं …
दुआ-ए-मासूरा पढ़ने की फज़िलत।Dua-e-Masoora Padhne ki Fazilat.
नमाज़ के दरमियान पढ़ी जाने वाली दुआ जिसे दुआ मासूरा या दुआ ए मासूरा भी कहा जाता है। दुआ मासूरा कब पढ़ा जाता है? नमाज़ …
शादी के बाद माँ-बाप से मिलने की फज़ीलत।Shadi ke Baad Maa-Bap se milne ki fazilat.
मैं आपको एक बात और बताता हूँ। वह कौन सी बेटी होगी जिसकी शादी हो गई हो और वह वापस अपने माँ-बाप को मिलने न …
आयतुल कुर्सी की फ़ज़ीलत और तफ़्सीर। Ayatul kursi ki Fazilat aur Tafseer.
आयतुल कुर्सी कुरान की सब से अज़ीम तरीन आयत है हदीस में रसूल (स.अ.) ने इसको तमाम आयात से अफजल बताया है। हज़रत अबू हुरैरा …
हज़रत सुलैमान अलैहिस्सलाम के ज़माने की दो औरतें। Hazrat Suleman (a.s) ke zamane ki do Aurate.
हज़रत सुलैमान अलैहिस्सलाम के ज़माने में दो औरतें थीं। वे दोनों अपने छोटे-छोटे एक जैसे बच्चे उठाये हुए जंगल में से गुज़र रही थीं। एक …
हज़रते जुवैरिया(र.अ)का निकाह।Hazarte Juberiya r.a ka Nikah.
गज्वए मुरैसीअ की जंग में जो कुफ़्फ़ार मुसलमानों के हाथ में गिरिफ्तार हुए उन में सरदारे क़ौम हारिष बिन ज़रार की बेटी हज़रते जुवैरिया (र.अ)भी …
