रोज़े का बयान | Roze ka Bayan.
हदीस शरीफ में रोज़े का बड़ा सवाब आया है और अल्लाह तआला के नज़दीक रोज़ेदार का बड़ा दर्जा है। प्यारे नबी सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम …
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हदीस शरीफ में रोज़े का बड़ा सवाब आया है और अल्लाह तआला के नज़दीक रोज़ेदार का बड़ा दर्जा है। प्यारे नबी सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम …
किन वजहों से रोज़ा तोड़ देना जायज़ है उनका बयान मस्अला 1:- अचानक ऐसी बीमारी पड़ गयी कि अगर रोज़ा न तोड़ेंगे, तो जान पर …
सहरी खाने इफ़्तार और करने का बयान मस्अला 1:- सहरी खाना सुन्नत है और भूख न हो और खाना न खाये, तो कम से कम …
नफ़्ल रोज़े का बयान मस्अला 1:- नफ़्ल रोज़े की नीयत अगर यह तै करके करे कि मैं नफ़्ल का रोज़ा रखती हूं, तो भी सही …
नजर के रोज़े का बयान मस्अला 1:- जब कोई नजर माने, तो उसका पूरा करना वाजिब है। अगर न रखेगी, तो गुनाहगार होगी। मस्अला 2 …
कज़ा रोज़े :- मस्अला 1:- हैज़ की वजह से या और किसी वजह से जो रोज़े जाते रहे हों, रमज़ान के बाद जहां तक जल्दी …
माहे रमजानुल मुबारक में हम रोज़ा रखते हैं, नवाफिल पढ़ते हैं, तरावीह का एहतेमाम करते हैं, कुरआन मुकद्दस की तिलावत करते हैं, गरीबों की मदद …
हमारा ख्याल यह है कि इसमें सिर्फ हमें दो रकअत नमाज़ अदा करने के बाद घूम फिर के और फुजूल कामों में …
जब बंदा दिन भर सब्र व ज़ब्त का मुज़ाहेरा करके रोज़ा को मुकम्मल करता है और मगरिब का वक़्त आता है तो वह हलाल चीजें …
जंगे बद्र का सबबः “अम्र बिन अल हज़रमी” के कत्ल से कुफ्फारे कुरैश में फैला हुआ जबर्दस्त इशतेआल था जिस से हर काफिर की जुबान …