14/07/2026

हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु की खिलाफत। Hazrat Ali Raziallahu anhu ki khilafat.

सैयदना उस्मान गनी रजियल्लाहु अन्हु की शहादत के बाद ही बलवाई बुरी तरह से मदीना मुनव्वरा पर छा गये थे। ऐसा लगता था कि मदीना …

हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु की शुजाअत व इल्म व फज़्ल। Hazrat Ali Raziallahu anhu ki sujaat ilm va fazl.

शुजाअत व दिलेरी में सारे अरब में कोई भी हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु का मुकाबला नहीं कर सकता था। आपकी गैर मामूली जुर्रात ही की …

हज़रत अली रज़िअल्लाहो अन्हो की ज़िन्दगी। Hazrat Ali Raziallahu anhu ki zindagi.

आपका शजरए नसब यह है अली इब्न अबी तालिब बिन अब्दुल मुत्तलिब बिन हाशिम बिन अब्द मोनाफ् बिन कसा बिन कलाब बिन मर्रा बिन कअब …

मुबाशिरत के औकात। Mubashirat ke aukat.

शरीअत ने जिमाअ के लिये कोई खास वक़्त मुकर्रर नहीं किया है। हाँ, बअज़ शरई अवारिज़ की मौजूदगी में जिमाअ करना मना है। जैसेः रोज़ा, …

नमाज़े जनाज़ा पढ़ने का तरीक़ा। Namaje janaza padhne ka tarika.

नमाज़े जनाज़ा की नियत :- नियत की मैंने नमाज़े जनाज़ा पढ़ने की मय चार तकबीरों के, सना वास्ते अल्लाह तआला के, दुरूद शरीफ़ वास्ते रसूलुल्लाह …

बरकत वाली सीनी। Barkat wali sini.

ज़मानए क़ह़त़ में रहमते आलम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भूक महसूस की तो बिन्ते रसूल हज़रते सय्यिदतुना फातिमा बतूल रजियल्लाहु अन्हा ने सीनी में एक …

बीमार और मुसाफ़िर की नमाज़ का बयान।Bimar aur Musafir ki Namaz ka bayan.

बीमार की नमाज़ का बयान: अगर बीमारी के सबब खड़े होकर नमाज़ नहीं पढ़ सकता कि मर्ज़ बढ़ जाएगा या देर में अच्छा होगा या …

क़ज़ा नमाज़ और क़ज़ाए उमरी का बयान।Qaza Namaz aur Qaza-e-Umri ka bayan.

बिला उज़्रे शरई नमाज़ क़ज़ा करना सख़्त गुनाह है जल्द से जल्द अदा करना और तौबह करना फ़र्ज़ है। मकरूह वक़्त के अलावा किसी वक़्त …