हमल के दौरान हमबिस्तरी करना।Hamal ke Dauraan Hambistari karna
औरत जब हमल से हो तो उस हालत में सोहबत करना शरीअते इस्लामी की रू से मना नहीं है और इस पर कोई गुनाह भी …
Islamic Knowledge
Deeni Masaiel Namaz, Roza, Zakat, Hajj, Taharat, Ghusl, Nikah aur rozmarra ke deeni masail ke sharai jawab Hindi me.
औरत जब हमल से हो तो उस हालत में सोहबत करना शरीअते इस्लामी की रू से मना नहीं है और इस पर कोई गुनाह भी …
Mehr Ki 3 Kismein Kaun-Si Hain? निकाह के वक़्त मेहर तय करना हर मुसलमान के लिए एक अहम मसला है, लेकिन अफसोस की बात है …
कुछ लोग औरत को हालते हैज़ (माहवारी) में जब तक वोह पाक नहीं होती तब तक एैसा नापाक और अछूत समझ लेते है, कि उस …
गुस्ल पाँच चीज़ों से फर्ज़ होता है यानी इन पाँच चीज़ों में से कोई एक भी सूरत पाई जाए तो गुस्ल करना फ़र्ज़ है । …
शरीअते इस्लामी में सोहबत करने के लिए कोई ख़ास वक्त नहीं बताया गया है। शरीअत में दिन और रात के हर हिस्से में सोहबत करना …
अल्लाह तआला ने फरमाया:- तर्जुमा:- ऐ पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लोग आप से हैज़ (माहवारी) के बारे में पूछते हैं, फरमा दीजिये कि वह …
जब औरत हैज़ (माहवारी) की हालत में हो तो उस से सोहबत करना सख्त गुनाहे कबीरा, ना जाइज़ व सख्त हराम हराम हराम है। इस …
Bachche Ki Paidaish Ke Baad Aqeeqa Kab Aur Kaise Karein? बच्चे की पैदाइश घर में एक बड़ी खुशी और अल्लाह तआला की बहुत प्यारी नेमत …
Fajr Ki Namaz Padhne Ka Tarika अस्सलामु अलैकुम दोस्तों, आज हम फ़ज़्र की नमाज़ के बारे में पूरी जानकारी आसान तरीके से जानेंगे। फ़ज़्र की …
अय्यामे जाहिलीयत में औरत की हालत :- निसाइयात यानी औरत की तारीख बड़ी दर्दनाक और तकलीफदह है, ये इन्सानियत की पेशानी पर बदनुमा …