ज़िना करने की सज़ा।Zina karne ki saza.
अल्लाह तआला ने इरशाद फ़रमाया-यानी ऐ लोगों तुम जिना के पास भी न भटकना, बेशक वह बड़ी बेहयाई की बात है। फ़ायदा- पास भी न …
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अल्लाह तआला ने इरशाद फ़रमाया-यानी ऐ लोगों तुम जिना के पास भी न भटकना, बेशक वह बड़ी बेहयाई की बात है। फ़ायदा- पास भी न …
अल्लाह के रसूल (स० ) फ़रमाते हैं कि- एक मुसलमान दूसरे मुसलमान का भाई है। न उस भाई पर ज़ुल्म करे और न किसी मुसीबत …
कुमैल रजि० एक शख्स हैं, कहते हैं कि मैं हज़रत अली(र.अ)के साथ एक मर्तबा जा रहा था। वह जंगल में पहुंचे, फिर एक मकबरे की …
नबी-ए-करीम अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक ग़ज्वे से वापस तशरीफ़ ला रहे थे, शब को एक जगह क्याम फ़र्माया और इर्शाद फर्माया कि आज …
सूरह अल फातेहा कुरान की पहली सूरह हैं। इसमें कुल 7 आयतें हैं जिसमे अल्लाह के बताये रास्तों पर चलने उसकी ताकत और गुनाहों से …
अल्लाह की राह में खर्च करना बड़े सवाब का काम हैं। जो लोग अल्लाह की राह में अपनी दौलत खर्च करते हैं अल्लाह ऐसे लोगों …
इंसानी फितरत में है की उससे गलती या गुनाह हो जाते है और इसके बाद इंसान अपने किये पर शर्मिंदा हो कर सच्चे दिल से …
अल्लाह रब्बुल-इज्ज़त नें इरशाद फ़रमाया कि- तुम अपने माँ-बाप के साथ अच्छा बर्ताव किया करो। अगर तुम्हारे सामने उनमें एक या दोनों बूढ़े हो जायें …
शरीअत में एक हुक्म तो लिबास और सतर का है और ये हुक्म मर्द व औरत दोनों के लिए है। मर्दों के लिए नाफ़ से …
हदीसों को पढ़ने से साफ़ मालूम होता है कि मरने वाले को देखने में हम भले ही मुर्दा समझते हैं लेकिन सच तो यह है …