एक नेक औरत की सच्ची तमन्ना का अजीब वाक़िआ। Ek Nek aurat ki sacchi Tamanna ka Ajeeb waqia.
किताबों में एक दिलचस्प और अजीब वाकिआ लिखा है कि एक औरत निहायत ही पाक दामन और नेक थी। वह चाहती थी कि मुझे नबी-ए-करीम …
Islamic Knowledge
Auraton ki tarbiyat Muslim auraton ke liye parda, akhlaq, tarbiyat, nikah aur deeni zindagi se judi maloomat Hindi me.
किताबों में एक दिलचस्प और अजीब वाकिआ लिखा है कि एक औरत निहायत ही पाक दामन और नेक थी। वह चाहती थी कि मुझे नबी-ए-करीम …
हज़रत शेख अब्दुलहक़ मुहद्दिस देहलवी रहमतुल्लाहि ताअला अलैहि एक अजीब बात लिखते हैं कि जिस इंसान की जिंदगी पाकदामनी की ज़िंदगी होगी अल्लाह तआला उस …
काबा की तरफ मुंह करके खड़े हो जाइए और नमाज़ की नियत करके दोनो हाथ कंधों तक ऊपर उठाइए, मगर हाथ आंचल से बाहर न …
नमाज़ दीने इस्लाम का अहम रुक्न है। कलिमा पढ़ने के बाद हर बालिग मर्द और औरत पर रोज़ाना दिन रात में पांच नमाज़ें फ़र्ज़ हैं। …
शरीअत ने जिमाअ के लिये कोई खास वक़्त मुकर्रर नहीं किया है। हाँ, बअज़ शरई अवारिज़ की मौजूदगी में जिमाअ करना मना है। जैसेः रोज़ा, …
जिमाअ यानी हमबिस्तरी से फारिग होकर मर्दो औरत दोनों अलग-अलग हो जाऐं, फिर किसी साफ कपड़े से दोनों अपने-अपने मकामे मख़्सूस को साफ कर लें। …
कुरान :- अल्लाह तआला इरशाद फरमाता है: “तुम्हारी औरतें तुम्हारे लिये खेतियां हैं तो आओ अपनी खेतियों में जिस तरह चाहो।” जिमाअ के तरीक़े बहुत …
जिमाअ करना इन्सान की वह तबई और अहम ज़रूरत है जिसके बगैर इन्सान का सही तौर से ज़िन्दगी गुज़ारना मुश्किल बल्कि तकरीबन ना मुम्किन सा …
जिमाअ यानी हमबिस्तरी की ख़्वाहिश एक फितरी यानी कुदरती जज़्बा है जो हर ज़ीरूह में खिलकतन पाया जाता है। इसे बताने की ज़रूरत नहीं होती। …
जिमाअ से वह रद्दी फुज़्ला जो जिस्म में बेकार जमा हो जाता है वह ख़ारिज हुआ करता है जिससे जिस्म हल्का, तबीअत चाको चोबंद, मिज़ाज …