शैतान के दोस्त और दुश्मन। Shaitan ke dost aur Dushman.
एक बार अल्लाह तआला ने शैतान को हुक्म दिया कि मेरे महबूब हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की खिदमत में हाज़िर हो, और वह जो …
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एक बार अल्लाह तआला ने शैतान को हुक्म दिया कि मेरे महबूब हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की खिदमत में हाज़िर हो, और वह जो …
मेराज की रात नबी-ए-करीम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम का गुज़र एक ऐसी क़ौम पर हुआ जिनके सामने एक हंडिया में पका हुआ गोश्त रखा हुआ है …
एक हदीस के मुताबिक़ मुसलमान की मौत के बाद जिन चीज़ों का सवाब उसे मिलता है वह यह हैं। दीन का इल्म जो उसने किसी …
ईमाम जलालुद्दिनस्यूती ने शरहउस्सदूर में लिखा है कि मैय्यत के लिये कुरआन पढ़ने से आया मैय्यत को सवाब मिलता है या नहीं? इसमें इख़्तेलाफ है …
क़ब्र में अच्छी हालत का होना :- हज़रत मोहम्मद बिन मोखालिद से रिवायत है कि मेरी वालिदा का इन्तक़ाल हो गया तो मैं उनको क़ब्र …
मुल्क शाम में हज़रत अमीर मुआविया रजिअल्लाहु अन्हु ने किसी तरह हज़रत उस्मान शहीद का खून आलूद पैरहन और आपकी अहलिया की कटी हुयी उंगली …
सैयदना उस्मान गनी रजियल्लाहु अन्हु की शहादत के बाद ही बलवाई बुरी तरह से मदीना मुनव्वरा पर छा गये थे। ऐसा लगता था कि मदीना …
शुजाअत व दिलेरी में सारे अरब में कोई भी हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु का मुकाबला नहीं कर सकता था। आपकी गैर मामूली जुर्रात ही की …
आपका शजरए नसब यह है अली इब्न अबी तालिब बिन अब्दुल मुत्तलिब बिन हाशिम बिन अब्द मोनाफ् बिन कसा बिन कलाब बिन मर्रा बिन कअब …
शरीअत ने जिमाअ के लिये कोई खास वक़्त मुकर्रर नहीं किया है। हाँ, बअज़ शरई अवारिज़ की मौजूदगी में जिमाअ करना मना है। जैसेः रोज़ा, …