दिल से तौबा का असर।Dil se Tauba ka Asar.
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के ज़माने में एक बड़ा ही गुनाहगार आदमी था। उसने कभी नेकी नहीं की थी। वह हर वक्त जवानी वाले शहवानी कामों …
हज़रत उमर फ़ारूक़ रज़ि० का वज़ीफ़ा ।Hazrat Umar Farooq Ka Wazifa.
हज़रत उमर रज़ि० भी तिजारत किया करते थे। जब ख़लीफ़ा बनाये गये तो बैतुल माल से वजीफ़ा मुकर्रर हुआ। मदीना-ए-तय्यबा में लोगों को जमा फ़र्मा …
शादी में लड़की की रज़ामन्दी जरूरी।Shadi me Ladki ki Razamandi Zarori.
आप ने अक्सर देखा और सुना होंगा बहुत से गैर मुस्लिम, मुसलमानों को ताना देते हैं कि इस्लाम ने औरतों के साथ ना इन्साफी की …
एक खूबसूरत तदबीर।Ek khoobsurat Tadbeer.
खलीफा मनसूर अपने शहर में एक जगह बैठे थे की आप ने एक ग़मगीन और परेशान हाल शख़्स को वहाँ से गुज़रते हुए देखा। खलीफा …
मदीना का पहला जुम्आ।Madina ka pahla juma.
12 / रबीउल अव्वल 1 हि० को जुमुआ का दिन था, नबी सल्ल0 कुबा से सवार होकर बनी सालिम के घरों तक पहुंचे कि जुमुआ …
हज़रत उमर फारूक रज़ि० की हालत ।Hazrat Umar faroq ki Halat.
हज़रत उमर रज़ि० बसा औकात एक तिनका हाथ में लेते और फ़र्माते, काश, मैं यह तिनका होता, कभी फ़र्माते, काश, मुझे मेरी माँ ने जना …
वलीमें का दावत कभी इन्कार मत करना।Walime ka Dawat kabhi inkar mat karna.
वलीमा करना सुन्नते मौकेदाह हैं । जान बुझ कर वलीमा न करने वाला सख्त गुनाहगार है।(कीम्या-ए-सआदत, सफा नं. 2611) वलीमा येह है कि सुहाग रात …
हमबिस्तरी करने से पहले ख़ुशबू का इस्तेमाल।Hambistari karne se pahle Khushbu ka istemal.
सोहबत (हमबिस्तरी) से पहले खुशबू लगाना बेहतर है। खुशबू सरकारे मदीना सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम को बहुत पसंद थी । आप (स.व)हमेशा ख़ुशबू का …
हमबिस्तरी के चन्द आदाब।Hambistari ke chand Aadab.
मज़हबे इस्लाम हमारी हर जगह हर हाल में रहनुमाई करता हुआ नज़र आता है यहाँ तक कि मियाँ, बीवी, के आपसी तअल्लुकात में भी एक …
