29/07/2026

ग़ीबत और चुगलखोरी में क्या फ़र्क है? Gibat aur chugalkhori mein kya fark Hai

ग़ीबत और चुगलखोरी में फर्क ग़ीबत और चुगलखोरी में थोड़ा सा फर्क है। गीबत कहते हैं अगर कोई आदमी किसी की तारीफ करे तो उसे …

कहीं आप भी इन बड़े गुनाहों में शामिल तो नहीं? Kahin aap bhi ine bade gunahon mein Shamil to nahin

कबीरा गुनाहों की सूची मुख्तसर तौर पर हम हाफिज़ ज़हबी की किताब से कबीरा यानी बड़े-बड़े गुनाहों की फेहरिस्त लिखते हैं: (1) शिर्क और शिर्क …

ग़ीबत: एक गुनाह जो जन्नत से दूर कर सकता है | Geebat ek Gunah Jo Jannat Se dur kar sakta hai

ग़ीबत ग़ीबत गुनाहे कबीरा है। आज मुसलमान इसमें बहुत ज़्यादा मुब्तला हैं और औरतें तो खुसूसियत से इस में इमाम ही हैं, हालांकि कुरआन पाक …

आज ही अल्लाह से माफ़ी माँग लें | Aaj Hi Allah se mafi mang le.

ज़िन्दगी की बेहतरीन तरतीब ज़िन्दगी में हमें आख़िरत को सामने रखकर अपनी ज़िन्दगी की तरतीब बनानी है। जहन्नम के अज़ाब को बरदाश्त करने का हौसला …

तौबा का दरवाज़ा आज भी खुला है | Tauba ka darwaza Aaj bhi khula hai.

अल्लाह तआला की नजदीकियां कैसे हासिल हो? जब तक इनसान गुनाहों को न छोड़े उस वक़्त तक उसको अल्लाह की नजदीकी हासिल नहीं हो सकती। …

आपका घर जन्नत में होगा या जहन्नम में? Aapka Ghar Jannat mein hoga ya jahannum mein.

आख़िरत के दो मकान अल्लाह रब्बुल्-इज़्ज़त ने हर इनसान के लिए आख़िरत के दो मकान तैयार किये हैं। एक जन्नत में दूसरा जहन्नम में। अगर …

जब फ़रिश्ते क़ुरआन सुनने ज़मीन पर उतर आए |Jab farishte Quran sunane jameen per utar Aaye.

तिलावत की आवाज़ पर फरिश्ते उतर पड़े एक सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु अपने घर में तहज्जुद की नमाज़ में कुरआन पढ़ रहे हैं, तबियत पर कैफ …

हिजरत का यादगार लम्हा |Hijrat ka yadgar lamha

सिद्दीके अकबर के सिक व वफा की इन्तिहा जब गारे सौर में पहुँचने के लिए पहाड़ पर चढ़ने का वक़्त था तो नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु ताआला …