मां-बाप की नाफरमानी का अंजाम।Maa Baap ki nafarmani ka anjam.
इस ज़माने में लड़के लड़कियां मां बाप के हुकूक से बिल्कुल गाफिल(बेपरवाह) है I उनकी ताज़ीम अदब खिदमत और फरमाबरदारी से मुंह मोड़े हुए हैं …
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इस ज़माने में लड़के लड़कियां मां बाप के हुकूक से बिल्कुल गाफिल(बेपरवाह) है I उनकी ताज़ीम अदब खिदमत और फरमाबरदारी से मुंह मोड़े हुए हैं …
बच्चे का नाम हमेशा अच्छा रखें। अल्लाह रब्बुल – इज़्ज़त को अब्दुल्लाह नाम सबसे ज़्यादा पसन्द है। अब्दुर्रहमान नाम पसन्द है । अब्दुर रहीम नाम …
अल्लाह तआला का फ़रमान है:- तर्जुमा:- नमाज़ दुरुस्ती से अदा करो और ज़कात दो । (सूरः बक़रह 2, आयत 43 ) वजाहतः इससे ज़कात का …
हज़रत अबु अलहसन खरकानी रहमत उल्लाह अलेह के कशफ व करामात का तज़करह जब सुलतान मेहमूद ग़ज़नवी सुना। तो सुलतान को आपकी ज़ियारत व मुलाकात …
उलेमा ने लिखा है कि जब इनसान जिस्म से अपने लिबास को हटाये, अगर वह बिस्मिल्लाह पढ़ ले तो अल्लाह तआला उसके गिर्द एक हिफ़ाज़त …
हसन बसरी रह० का दौर है। आपकी एक शागिर्द जो बाकायदा आपका दर्स सुनने के लिए आया करती थी। उसका एक बेटा था। मियाँ का …
इस ज़माने में मुसलमानों में मैय्यत को सवाब पहुंचाने का नया तरीका निकला हुआ है जिससे मुर्दों को तो कभी सवाब नहीं मिलता और करने …
बहोत से मुसलमान इसाले सवाब यानी फातिहा का तरीका नही जानते। उन्हे इस बात का भी इल्म नही है के जिस घर में फातिहा पढ़ी …
1. अक़्लमंद अपने आप को नीचा रखकर बुलंदी हासिल करता है और नादान अपने आप को बड़ा समझकर ज़िल्लत उठाता है। 2. कम खाने …
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के ज़माने में एक बड़ा ही गुनाहगार आदमी था। उसने कभी नेकी नहीं की थी। वह हर वक्त जवानी वाले शहवानी कामों …