फातिहा पढ़ने की फज़िलत।Fatiha Padhne ki Fazilat.
बहोत से मुसलमान इसाले सवाब यानी फातिहा का तरीका नही जानते। उन्हे इस बात का भी इल्म नही है के जिस घर में फातिहा पढ़ी …
Islamic Knowledge
बहोत से मुसलमान इसाले सवाब यानी फातिहा का तरीका नही जानते। उन्हे इस बात का भी इल्म नही है के जिस घर में फातिहा पढ़ी …
1. अक़्लमंद अपने आप को नीचा रखकर बुलंदी हासिल करता है और नादान अपने आप को बड़ा समझकर ज़िल्लत उठाता है। 2. कम खाने …
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के ज़माने में एक बड़ा ही गुनाहगार आदमी था। उसने कभी नेकी नहीं की थी। वह हर वक्त जवानी वाले शहवानी कामों …
सोहबत (हमबिस्तरी) से पहले खुशबू लगाना बेहतर है। खुशबू सरकारे मदीना सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम को बहुत पसंद थी । आप (स.व)हमेशा ख़ुशबू का …
शरीयत का यह हुक्म है कि अगर घर में बेटी पैदा होती है तो अल्लाह तआला ने गोया रहमत का दरवाज़ा खोल दिया। अगर दो …
अय्यामे जाहिलीयत में औरत की हालत :- निसाइयात यानी औरत की तारीख बड़ी दर्दनाक और तकलीफदह है, ये इन्सानियत की पेशानी पर बदनुमा …
जब दुश्मन की फ़ौज ने पेश क़दमी की तो इस मुजस्समे ईषारो कुरबानी और सब्र व इस्तिक़ामत के पैकर ने उन के सामने ब आवाज़े …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, जिसने मोहर्रम में किसी एक दिन भी रोज़ा रखा तो उसे एक रोजे के बदले 30 …
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: ईदुल अज़्हा के दिन कोई नेक अमल अल्लाह पाक के नज़दीक कुर्बानी का खून बहाने से ज़्यादा महबूब …
यहां यह बात भी समझ लेनी चाहिये कि दीन के इल्म की दो किस्में हैं, पहली क़िस्म यह है कि दीन का इतना इल्म सीखना …