माहे रमज़ान की फज़ीलत। Maahe Ramazaan ki Phazeelat.
हज़रत अबू हुरैरा रज़ियल्लाहो अन्हो से रिवायत है कि नबी-ए-करीम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमायाः यानी जब रमज़ान ” का महीना आता है तो …
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हज़रत अबू हुरैरा रज़ियल्लाहो अन्हो से रिवायत है कि नबी-ए-करीम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमायाः यानी जब रमज़ान ” का महीना आता है तो …
हदीसः- हज़रत इब्ने अब्बास रजियल्लाहु अन्हुमा से मरवी है कि उन्होंने कहा कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः “जिसने तीन बेटियों या उनकी मिस्ल …
अल्लाह तआला हकीमे मुतलक है और हर काम हिकमत से खाली नहीं होता। अल्लाह तआला ने जो कुछ भी पैदा फरमाया है, मब्नी बर हिकमत …
राहत-ए-क़ब्र की फज़ीलत :- नेक और आबिद मोमिनीन जब मुनकिर नकीर के सवाल के जवाबात दे चुकेंगे तो उनके लिये हुक्म होगा कि उनकी क़ब्र …
इश्के रसूल सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम में सहाबियात रज़ियल्लाहु अन्नाहुम ने भी आला और नुमाया मिसालें पेश कीं। उनके सीने इश्के नबी सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम …
हुज़ूर -ए-अक्दस सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम बा वुजूद बे शुमार मशागिल के इतने बड़े इबादत गुज़ार थे कि तमाम अम्बिया व मुर्सलीन अलैहिस सलातु वस्सलाम …
खुलफाए राशिदीन ने खिलाफत बज़ोर शमशीर या जब्र के जरिया हासिल नहीं की थी न अपने फ्ज़्ल से छीनी थी बल्कि मुआसरीन पर उन को …
फ़क़ीह अबुल्लैस समरकंदी रहमतुल्लाहि तआला अलैह ने तंबीहुल ग़ाफ़िलीन में एक किस्सा लिखा है। फरमाते हैं कि एक बार हज़रत उमर रज़ियल्लाहो अन्हो नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु …
हज़रत फरीदुद्दीन गंज शकर रहमतुल्लाहि तआला अलैहि के ज़माने में एक “हसन” कव्वाल था जिसे अपनी लड़की की शादी करने के लिए रकम की …
माँ बाप के हुक़ूक़ :- मां बाप के साथ हुसने सलूक यानी भलाई से पेश आना वाजिब है अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त का इरशाद है: तर्जुमाः- …