इस्तेहाजा और उस का हुक्म।Istehaza aur uska huqm
इस्तेहाजा उस खून को कहते हैं जो हमेशा जारी रहता है कभी बन्द नहीं होता है। या बहुत कम दिनों यानी महीने में दो तीन …
Islamic Knowledge
इस्तेहाजा उस खून को कहते हैं जो हमेशा जारी रहता है कभी बन्द नहीं होता है। या बहुत कम दिनों यानी महीने में दो तीन …
औरतों में भी तरह तरह की जिन्सी बीमारियाँ होती है। इनका जानना जरूरी है, हम यहाँ चन्द बीमारियों के बारे में लिख रहे हैं । …
उलेमा ने लिखा है कि जब इनसान जिस्म से अपने लिबास को हटाये, अगर वह बिस्मिल्लाह पढ़ ले तो अल्लाह तआला उसके गिर्द एक हिफ़ाज़त …
बहोत से मुसलमान इसाले सवाब यानी फातिहा का तरीका नही जानते। उन्हे इस बात का भी इल्म नही है के जिस घर में फातिहा पढ़ी …
सोहबत (हमबिस्तरी) से पहले खुशबू लगाना बेहतर है। खुशबू सरकारे मदीना सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम को बहुत पसंद थी । आप (स.व)हमेशा ख़ुशबू का …
मज़हबे इस्लाम हमारी हर जगह हर हाल में रहनुमाई करता हुआ नज़र आता है यहाँ तक कि मियाँ, बीवी, के आपसी तअल्लुकात में भी एक …
मसअला :- मियाँ बीवी का सोहबत के वक्त एक दूसरे की शर्मगाह को मस करना बेशक जाइज़ है बल्कि नेक नियत से हो तो मुस्तहब …
सोहबत के दौरान मर्द किसी दूसरी औरत का और औरत किसी दूसरे मर्द का ख़्याल न लाऐं। यानी ऐसा न हो कि मर्द सोहबत तो …
बीवी से ज़िन्दगी में एक मरतबा सोहबत करना कज़ाअन वाजिब है और हुक्म येह है कि औरत से सोहबत कभी कभी करता रहे । इस …
जब दूल्हा, दुल्हन कमरे में जाए और तन्हाई हो तो बेहतर येह हैं कि, सब से पहले दुल्हन, दूल्हा दोनों वुजू कर ले और फिर …