Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
बेटियाँ अल्लाह तआला की बहुत बड़ी नेमत होती हैं। उनकी अच्छी परवरिश, बेहतरीन अख़लाक़ और सही इस्लामी तर्बियत न सिर्फ़ उनकी दुनिया बल्कि आख़िरत की कामयाबी का भी ज़रिया बनती है। बचपन से ही अगर बेटियों को अदब, हया, सच्चाई, माँ-बाप की फ़रमाबरदारी और अच्छे किरदार की तालीम दी जाए, तो वे अपने घर और समाज दोनों के लिए रहमत साबित होती हैं।
इस आर्टिकल में हम बड़ी बच्चियों के लिए ज़रूरी इस्लामी नसीहतों को आसान और दोस्ताना हिंदी में जानेंगे। इन नसीहतों पर अमल करके हर बेटी अपने किरदार को बेहतर बना सकती है, अपने माँ-बाप का दिल जीत सकती है और अल्लाह तआला की रज़ा हासिल करने की कोशिश कर सकती है। आइए, इन अहम और नसीहत भरी बातों को तफ़सील से समझते हैं।
बड़ी बच्चियाँ अपना ख़ूब ख़याल रखें यानी साफ सुथरी रहें, कपड़ा मैला कुचैला न पहनें, बाल संवार कर रखें और दीगर तरीक़े से भी सफाई सुथराई का ख़याल रखें।
इस से माँ बाप ख़ुश होते हैं और रहन सहन में वक़ार पैदा करें इस से ख़ानदान में और रिश्तादारों में उसकी इज़्ज़त बढ़ती है और शादी के पैग़ाम में भी दुश्वारियाँ नहीं होतीं और हर इज़्ज़तदार शख़्स ऐसी बच्चियों को अपने घर की ज़ीनत बना कर ख़ुशी महसूस करते हैं ।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
बड़ी बच्चियों को चाहिए कि माँ बाप के साथ सिर्फ सच्च बोलें । झूठ कभी न बोलें ताकि अंजाने में दोस्तों यानी सहेलियों के बहकावे में कोई ग़लत काम होजाए या ग़लत बात होजाए तो माँ बाप उसका बेहतर हल निकाल सकें ।
बड़ी बच्चियाँ इस बात का ख़ास ख़याल रखें कि माँ बाप से बढ़ कर पूरी दुनिया में कोई भी आप का सच्चा हमदर्द नहीं हो सकता बल्कि तजुर्बा है कि माँ बाप बेटों से भी ज़्यादा बेटियों के हमदर्द होते हैं लिहाज़ा मामला चाहे कुछ भी हो आप उनके साथ सिर्फ सच बोलें अगरचे उनकी तरफ से ग़लती पर मामूली सज़ा का भी इमकान हो, उनकी बरवक़्त की तंबीह दुनिया की रुसवाई और आख़िरत के अज़ाब से बचाएगी इन शा अल्लाह ।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
बड़ी बच्चियाँ माँ बाप की क़दर व इज़्ज़त और उनकी ताज़ीम व तौक़ीर हर हाल में बजा लाएँ ताकि शादी के बाद माँ बाप के साथ साथ अपने शौहर और उनके माँ बाप और दीगर घर के अफराद की ताज़ीम व तौक़ीर करके उन सब की निगाह में अपनी क़दर व मंज़िलत हमेशा बढ़ाती रहें।
बड़ी बच्चियाँ तमाम कामों पर अपने माँ बाप को तरजीह दें और उनके हुक्म को अल्लाह व रसूल के हुक्म के बाद हर हुक्म पर मुक़द्दम जानें और शादी के बाद अपने शौहर के हुक्म को सारे हुक्म पर तरजीह दें ताकि इस आदत से माँ बाप की आँखों का तारा बनी रहें और शादी के बाद शौहर के दिल की मलका बनी रहें ।
ज़ुबान दराज़ी :- बड़ी बच्चियों को चाहिए कि घर में अपनी माँ और भाई बहनों और दीगर लोगों से ज़ुबान दराज़ी हरगिज़ न करें चूंकि ज़ुबान दराज़ी तमाम फित्नो की जड़ है। और ज़ुबान दराज़ी से इंसान अक्सर ज़लील व रुसवा होता रहता है,
और यही बुरी आदत अक्सर बच्चियों को शादी के बाद शौहर और उनके घर वालों से जुदाई का सबब बनती है। यह ख़बीस आदत अगर आप नहीं छोड़ती हैं तो तलाक़ जैसी नौबत आ जाती है जो आप की ज़िंदगी के लिए मौत से बदत्तर पैग़ाम लाती है।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
फिर बच्चियों का पूरा ख़ानदान उसके शौहर का ख़ानदान मैदाने जंग के सिपाही बनते हैं और मामला कोर्ट तक पहुंचता है, वालिदैन (माँ बाप)और और भाई जेल तक की मुसीबत झेलते हैं और ज़िल्लत व रुसवाई दोनों ख़ानदान का मुक़द्दर बन जाता है। लिहाज़ा आप की नर्म मिज़ाजी और ज़ुबान दराज़ी न करना उन तमाम फित्नो के दरवाज़े को हमेशा के लिए बंद कर सकता है। एक बहोत खास नसीहत।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
सख़्त मिज़ाजी :- बड़ी बच्चियों को चाहिए कि अपनी माँ के साथ और घर के दीगर अफराद के साथ सख़्त मिज़ाजी न दिखाएँ, यह बुरी ख़सलत माँ बाप के घर में और शादी के बाद शौहर के घर में उन्हें अकेला कर देता है । लोग ऐसी बच्चियों से दूर होने लगते हैं और उनके सेहत के लिए भी नुक़सानदेह साबित होता है और हुस्न के निखार को भी अक्सर ख़तम कर देता है ।
हाँ! बच्चियों को इस बात का ख़याल रखना चाहिए कि माँ बाप की ग़ैर मौजूदगी में अपने घर वालों के अलावा दूसरे के लिए सख़्त मिज़ाजी पेश करें और शादी के बाद शौहर के घर वाले और ख़ास रिश्तादारों के अलावा बज़ाहिर सख़्त मिज़ाजी ज़ाहिर करें कि कोई ग़लत बात या ग़लत काम की उम्मीद उनसे न रखे।
बल्कि बेटियाँ अपने माँ बाप और शौहर और उनके माँ बाप के अलावा दूसरे के लिए मिसले सूरज बन कर रहें कि कोई ग़लत निगाह से उसे देखने की हिम्मत न करे और उसकी हैबत (डर) से उसकी तरफ किसी ग़ैर की निगाह न उठे ।
फरमाइश :- बड़ी बच्चियों को चाहिए कि फरमाइश की आदत अपने कंट्रोल में रखें बल्कि न के बराबर अपने अंदर आने दें । तजरबा है कि माँ बाप उसकी ज़रूरत का ख़याल रखते ही हैं, फरमाइश की फरावानी घर वालों की निगाह में और शादी के बाद शौहर की निगाह में बेवक़ार कर देती है लिहाज़ा बेवजह फरमाइश से अपने आप को महफ़ूज़ रखें ।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
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गुस्सा :- बड़ी बच्चियों को चाहिए कि गुस्सा किसी भी मामला में हरगिज़ न करें क्यूँकि अहले अक़ल कहते हैं कि गुस्सा की इब्तिदा अक़ल का ख़तम होना है और इतिहा हमेशा की शरमिंदगी पर है।
बड़ी बच्चियों को चाहिए कि अपने माँ बाप भाई बहन को छोटे छोटे तोहफे देती रहें इस से माँ बाप का दिल बहुत ख़ुश होता है और इस आदत को अपने अंदर बरक़रार रख कर शादी के बाद अपने शौहर को भी छोटे छोटे गिफ्ट देती रहें, और उनके घर के अफराद को भी उनके मरातिब के लिहाज़ से और अपनी हैसियत के एतेबार से छोटे छोटे तोहफे देती रहें ताकि घर वालों में उसकी मोहब्बत और इज़्ज़त बढ़ती रहे।
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बड़ी बच्चियों को चाहिए कि अगर मोबाइल टेलीफ़ोन वग़ैरा पे बात करना चाहें तो माँ बाप के ख़ास और अज़ीज़ रिश्तादार के साथ बात चीत करें इस से माँ बाप को ख़ुशी होती है और शादी के बाद उनसे बात करें जिनसे शौहर बख़ुशी इजाज़त दें, और इस बात का ख़याल रखें कि उनके दोस्तों से इजाज़त के बावजूद भी हरगिज़ बात न करें ताकि शौहर की निगाह में आप का एतेमाद बरक़रार रहे और आपकी पाकदामनी पे कोई हासीद (हसद करने वाला) या आपकी आबरू का कोई दुश्मन उंगली न उठा सके ।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. इस्लाम में बेटियों का क्या मकाम है?
Ans: इस्लाम में बेटियों को अल्लाह तआला की नेमत बताया गया है। उनकी अच्छी परवरिश करने और उन्हें दीन की तालीम देने पर बहुत बड़ा सवाब मिलता है।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
Q2. बड़ी बच्चियों के लिए सबसे ज़रूरी नसीहत क्या है?
Ans: सबसे ज़रूरी बात यह है कि वे अल्लाह से डरें, पाँच वक्त की नमाज़ की पाबंदी करें, माँ-बाप की फ़रमाबरदारी करें और अच्छे अख़लाक़ अपनाएँ।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
Q3. क्या बेटियों को हमेशा सच बोलना चाहिए?
Ans: जी हाँ। इस्लाम में हर हाल में सच बोलने की तालीम दी गई है। सच बोलने से भरोसा कायम रहता है और अल्लाह की रहमत हासिल होती है।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
Q4. क्या माँ-बाप की इज़्ज़त करना बेटियों पर भी फ़र्ज़ है?
Ans: जी हाँ। माँ-बाप की इज़्ज़त, उनकी ख़िदमत और उनकी फ़रमाबरदारी हर मुसलमान बेटे और बेटी की अहम ज़िम्मेदारी है।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
Q5. क्या गुस्सा और ज़ुबान दराज़ी इस्लाम में पसंद की जाती है?
Ans: नहीं। इस्लाम नर्मी, सब्र और अच्छे अख़लाक़ की तालीम देता है। गुस्सा और ज़ुबान दराज़ी रिश्तों में दूरियाँ पैदा कर सकती हैं।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
Q6. बड़ी बच्चियों को मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए?
Ans: मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल ज़रूरत के मुताबिक, शरई हदों का ख़याल रखते हुए और माँ-बाप की सलाह व निगरानी में करना चाहिए।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
Q7. क्या अच्छी तर्बियत शादीशुदा ज़िंदगी में भी मदद करती है?
Ans: जी हाँ। अदब, सब्र, नर्मी, सच्चाई और अच्छे अख़लाक़ जैसी आदतें शादीशुदा ज़िंदगी को भी ख़ुशहाल बनाने में अहम किरदार निभाती हैं।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
Q8. बेटियों की कामयाबी का सबसे अच्छा रास्ता क्या है?
Ans: अल्लाह तआला की फ़रमाबरदारी, दीन की सही तालीम, अच्छे अख़लाक़, हया, माँ-बाप की ख़िदमत और नेक अमल ही दुनिया और आख़िरत की असली कामयाबी का रास्ता हैं।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
अल्लाह से एक दिली दुआ…
ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
प्यारे भाइयों और बहनों :-
अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।Badi Bachchiyon Ke Liye Zaroori Islami Naseehatein
क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे। इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें। अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।
जज़ाकल्लाह खैर….
