Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि अगर घी, तेल या दूसरी खाने-पीने की चीज़ नापाक हो जाए, तो क्या उसे पूरी तरह फेंक देना चाहिए या उसे पाक करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है? इस बारे में कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं, लेकिन हर बात सही नहीं होती।
इस आर्टिकल में हम सही हदीस और शरीअत की रोशनी में जानेंगे कि अगर घी या तेल में कोई नापाक चीज़ गिर जाए, तो उसे पाक करने का सही तरीका क्या है। साथ ही यह भी समझेंगे कि किन चीज़ों को इस्तेमाल किया जा सकता है और किन्हें छोड़ देना चाहिए। अगर आप इस मसले की आसान और सही इस्लामी जानकारी चाहते हैं, तो इस लेख को आखिर तक ज़रूर पढ़ें।
हदीस
हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि जब चूहा घी में गिर जाये और गिरकर मर जाये अगर घी जमा हुआ है तो उस चूहे को और उसके आस-पास के घी को निकाल डालो। और अगर घी पिघला हुआ हो तो तुम उसके करीब भी न जाओ। (मिश्कात शरीफ पेज 361)
तशरीह
इस हदीस में यह मसला बयान किया गया है कि अगर घी जमा हुआ हो और उसमें मरा हुआ चूहा गिर जाये या गिरकर मर जाये तो उस चूहे को और उसके आस-पास के घी को फेंक दिया जाये और बाकी घी को इस्तेमाल कर लिया जाये। क्योंकि जमे हुए घी में नापाकी का असर ज़्यादा अन्दर नहीं पहुँचेगा।
और अगर घी जमा हुआ न हो, और उसमें मरा हुआ चूहा गिर जाये या गिरकर मर जाये तो उसका इस्तेमाल करना जायज़ नहीं है। जितनी जगह में मरा हुआ चूहा गिरा है वह जगह और उसके अलावा सारा घी नापाक हो गया। उसके पाक करने का तरीका अभी हम लिखेंगे। उससे पहले यह समझ लें कि घी बतौर मिसाल बताया है और चूहे का ज़िक्र भी बतौर मिसाल आ गया है।
घी की तरह अगर कोई और जमी हुई चर्चीज़ हो जैसे तेल, वनस्पति घी, शीरा, चर्बी वगैरह, उसके अन्दर अगर मरा हुआ चूहा या कोई नापाक चीज़ गिर जाये तो जितनी जगह में वह नापाक चीज़ पड़ी हो उस जगह और उसके आस-पास से थोड़ा-थोड़ा लेकर फेंक दिया जाये और बाकी इस्तेमाल कर लिया जाये।
और अगर जमी हुई चीज़ न हो बल्कि बहती हुई चीज़ हो तो इस ‘तरह कुछ हिस्सा फेंक देने से पाक न होगा बल्कि उसे तीन बार धोकर पाक किया जाये। जिसका तरीका यह है कि जिस कद्र तेल या घी हो उतना ही या उससे ज़्यादा पानी डालकर पकाया जाये। जब वह पानी जल जाये तो फिर उतना ही पानी डालकर पकाया जाये। जब दूसरी बार डाला हुआ पानी भी जल जाये तो तीसरी बार फिर उतना ही पानी डालकर पकाया जाये। जब तीसरी बार का पानी भी जल जाये तो तेल या घी जो भी कुछ था पाक हो जायेगा।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
और एक तरीका यह है कि जितना घी या तेल हो उतना ही पानी डालकर हिलाओ, जब पानी ऊपर आ जाये तो उसको किसी तरह उठा लो। फिर उतना ही पानी डालकर हिलाओ, जब पानी ऊपर आ जाये तो उसको किसी तरह उठा लो। फिर तीसरी बार ऐसा ही करो। इस तरह से घी, तेल पाक हो जायेगा। अगर नापाक हो जाने के बाद घी-तेल जम गया है तो उसको आग पर रख दो ताकि पिघल जाये, उसके बाद ज़िक्र हुए तरीके से पाक कर लो।
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ऊपर की हदीस के मज़मून से यह मसला भी निकल आया कि अगर आटा गूंधा हुआ हो, और उसमें कुत्ता या बन्दर मुँह डालकर झूठा कर दे तो जहाँ उसका मुँह लगा है अगर उस जगह से थोड़ा-थोड़ा सा निकाल दिया जाये तो बाकी आटा इस्तेमाल किया जा सकता है।
मसला
ज़िन्दा चूहा पानी या घी वगैरह में गिर जाये तो नापाक नहीं होगा। हाँ! चूहे का झूठा मरूह है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और जवाब
1. अगर घी में चूहा गिरकर मर जाए तो क्या पूरा घी फेंक देना चाहिए?
जवाब: अगर घी जमा हुआ (ठोस) हो तो चूहे और उसके आसपास का हिस्सा निकालकर फेंक दें, बाकी घी इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर घी पिघला हुआ (तरल) हो तो वह नापाक हो जाता है और उसे शरीअत के बताए तरीके से पाक करना होगा।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
2. क्या तेल और घी को नापाक होने के बाद पाक किया जा सकता है?
जवाब: जी हाँ। फिक्ह की किताबों में बताए गए तरीके के अनुसार तरल घी या तेल को तीन बार पानी के साथ साफ़ करके पाक किया जा सकता है।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
3. क्या यह हुक्म सिर्फ़ घी के लिए है?
जवाब: नहीं। यही हुक्म दूसरी ऐसी चीज़ों पर भी लागू होता है, जैसे तेल, वनस्पति घी, चर्बी और इसी तरह की अन्य चीज़ें।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
4. अगर जमा हुआ घी या वनस्पति घी नापाक हो जाए तो क्या करें?
जवाब: जिस जगह नापाक चीज़ गिरी हो, उसके आसपास का हिस्सा निकालकर फेंक दें। बाकी हिस्सा इस्तेमाल किया जा सकता है।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
5. क्या ज़िंदा चूहा घी या पानी में गिर जाए तो वह नापाक हो जाता है?
जवाब: ज़िंदा चूहा गिरने से वह चीज़ नापाक नहीं होती। हालांकि चूहे का झूठा इस्तेमाल करना मकरूह बताया गया है।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
6. क्या गूँधे हुए आटे में नापाकी लग जाए तो पूरा आटा फेंकना होगा?
जवाब: अगर नापाकी एक सीमित जगह पर लगी हो, तो उस हिस्से को निकालकर फेंक दिया जाए। बाकी आटा इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसा फिक्ह की किताबों में बयान किया गया है।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
7. क्या इस मसले में अपनी राय से फैसला करना चाहिए?
जवाब: नहीं। पाकी और नापाकी के मसाइल में हमेशा कुरआन, सही हदीस और भरोसेमंद उलमा की बताई हुई शरीअत की हिदायतों पर अमल करना चाहिए।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
8. इस्लाम में पाकी का इतना महत्व क्यों है?
जवाब: क्योंकि पाकी (तहारत) इस्लाम का अहम हिस्सा है। नमाज़, इबादत और कई दूसरे अमल सही तरीके से अदा करने के लिए पाक रहना ज़रूरी है। इसलिए हर मुसलमान को तहारत के बुनियादी मसाइल का इल्म होना चाहिए।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
अल्लाह से एक दिली दुआ…
ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
प्यारे भाइयों और बहनों :-
अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे। इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें। अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।Ghee Ya Tel Napak Ho Jaye To Kaise Pak Karen?
जज़ाकल्लाह खैर….
