आस्मान
अल्लाह तआला ने हमारे उपर मजबूत आस्मान बनाया, रौशनी के लिये उस में चाँद, सूरज और चमकदार सितारे बनाए और उसी ने बगैर सहारे के उस को जमीन पर गिरने से रोक रखा है, जब की इनसान हलकी सी चीज को भी बगैर सहारे के रोक नहीं सकता, मगर अल्लाह तआला ने हजारों साल से आस्मान को बगैर सुतून के रोक कर अपनी जबरददस्त कुदरत का इजहार किया और लोगों को उस में ग़ौर व फिक्र करने की दावत देते हुवे फ़रमाया: क्या वह नहीं देखते की आस्मान को बगैर सुतून के कैसे बुलन्द किया गया है ? (सूर-ए-ग़ाशिया: 18)
ये भी हदीस पढ़े,अल्लाह तआला ने क़लम को पैदा किया Allah taala ne Kalam ko paida kiya.
अल्लाह से एक दिली दुआ…
ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।
प्यारे भाइयों और बहनों :-
अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।
क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे।
इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें।
अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।
जज़ाकल्लाह ख़ैर….
