अल्लाह तआला ने क़लम को पैदा किया
अल्लाह तआला हमेशा से है और हमेशा रहेगा, हर चीज को अल्लाह तआला ही ने पैदा किया और एक दिन उसी के हुक्म से सारी काइनात खतम हो जाएगी। कुरआने पाक में अल्लाह तआला फरमाता है की हर चीज खतम हो जाएगी और सिर्फ आप के इज़्ज़त व बुजुर्गी वाले रब की जात बाक़ी रहेगी। [सूर-ए-रहमान 26 ता 27)
हज़रत उबादा बिन सामित रज़ियल्लाहु तआला अन्हु बयान करते हैं के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया : “(इस दुनया की तमाम चीज़ों में) सब से पहले अल्लाह तआला ने कलम को पैदा फ़रमाया और उसे लिखने का हुक्म दिया, तो उस ने अर्ज़ किया: ऐ मेरे रब ! मैं क्या लिखूँ? अल्लाह तआला ने। उसे क़यामत तक की पूरी काइनात की तक़दीर लिखने का हुक्म दिया।” (अबू दाऊद : 4700)
फिर उसने उस वक़्त से क़यामत तक होने वाली तमाम चीज़ों को लिख दिया। एक दूसरी हदीस में रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया : “अल्लाह तआला ने मख्लूक़ की तक़दीर को जमीन व आसमान की पैदाइश से पचास हज़ार साल पहले लिखा है।” [मुस्लिम 6748)
उस वक़्त से क़यामत तक दुनिया में जो कुछ होता है या होगा, क़लम उन चीजों को बहुक्मे खुदावन्दी पहले ही लिख चुका है।
अल्लाह से एक दिली दुआ…
ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।
प्यारे भाइयों और बहनों :-
अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।
क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे।
इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें।
अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।
जज़ाकल्लाह ख़ैर….
