ज़िंदगी बदल देने वाली एक मिसाल|Zindagi Badal Dene wali ek misal
इंसान दो किस्म के होते हैं। कुछ शहद की मक्खी की तरह होते हैं और कुछ गंदी मक्खी की तरह होते हैं। शहद की मक्खी …
Islamic Knowledge
हज़रत फातिमा रज़ियल्लाहु तआला अन्हा को नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से बहुत ज़्यादा मुहब्बत थी। एक बार नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम घर में …
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने सहाबा किराम में हया वाली सिफ्त ऐसी कूट-कूटकर भर दी थी कि उनकी निगाहें गैर की तरफ उठती ही …
सोते वक़्त और फर्ज़ नमाज़ के बाद तसबीह तहमीद और तकबीर हदीस :- हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का बयान है कि एक बार हज़रत …
हुज़ूर ए अक़्दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम अपने बेटे हज़रत इब्राहीम रज़ियल्लाहु तआला अन्हु की जान निकलने के वक़्त तशरीफ लाये, उस वक़्त आपकी आँखों …
अब तो मुझे सिर्फ जन्नत चाहिये अजीब किस्सा: मुहम्मद बिन सिमांक फरमाते हैं कि बनी उमय्या में मूसा इब्ने मुहम्मद बिन सुलैमान हाशमी सबसे ज़्यादा …
अल्लाह तआला इरशाद फरमाते हैं: तर्जुमाः नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने (वह्य लाने वाले) फरिश्ते को एक और बार भी (असल सूरत में) देखा …
हज़रत उमर बिन खत्ताब रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते हैं कि हम नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की मजलिस में बैठे थे कि आपके पास एक …
जन्नत नफ़्स के ना-पसन्दीदा कामों के पीछे छुपी हुई है हदीस :- हज़रत अनस बिन मालिक रज़ियल्लाह तआला अन्हु से रिवायत है कि नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु …
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने एक बार एक काफिले को देखा। एक माँ परेशान थी उसको अपने सर पर दुपट्टे का होश भी नहीं …