मैय्यत और दफ़न के सुन्नत तरीक़े। Maiyat aur dafan ke sunnat tarike.
जब किसी ऐसे आदमी के पास जाएँ जो मरने के क़रीब हो तो जरा ऊँची आवाज से कलिमा ‘ला इला-ह इल्लल्लाह मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह’ पढ़ते रहें । …
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जब किसी ऐसे आदमी के पास जाएँ जो मरने के क़रीब हो तो जरा ऊँची आवाज से कलिमा ‘ला इला-ह इल्लल्लाह मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह’ पढ़ते रहें । …
खुशी के मौक़ों पर खुशी जरूर मनाइए । खुशी इनसान का फ़ितरी तक़ाज़ा और जरूरत है। दीन फ़ितरी जरूरतों की अहमियत को महसूस करता है …
हज़रत अबू अय्यूब अन्सारी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है कि हुज़ूरे अक़्दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि जिसने दस मर्तबा यूँ …
मुहम्मद शाह मकरान एक बादशाह गुज़रा है। एक बार वह सिपाहियों के साथ शिकार को निकला। बादशाह सलामत शिकार खेल रहे थे। सिपाहियों के हाथ …
हज़रत उमर फारूक रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का गुज़ारा बहुत मुश्किल था। हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु और कुछ दूसरे सहाबा किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम भी थे। …
इब्ने ज़ियाद ने उमर बिन साद को हुक्म दिया था कि हुसैन की लाश को घोड़ों के टापों से रौंद डाले। अब येह तक़दीर भी …
जब आप शराफ में पहुंचे तो मुहर्रम 61/ हिजरी का ख़ूनी साल शुरूअ हुवा और उसी मकाम पर हुर बिन यज़ीद तमीमी एक हज़ार सवारों …
हज़रत इमाम हुसैन रजियल्लाहु तआला अन्हु 4/ हिजरी में तवल्लुद हुए, हज़रत फ़ातिमतुज़्ज़हरा रजियल्लाहु तआला अन्हा, हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु और हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु …
क़यामत के दिन के बारे में नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि उस दिन तमाम लोगों को जमा किया जाएगा हर शख़्स …
जब बच्चे की पैदाईश होती है तो माँ की ज़िन्दगी में तब्दीली आ जाती है। यह बेचारी अपने आपको भूल जाती है। हर वक़्त बच्चे …