रिज़्क़ में बरकत का राज़।Rizq me Barkat ka Raz.
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के ज़माने में एक आदमी था। वह बेचारा बहुत ही गरीब था। वह टुकड़े-टुकड़े को तरसता था। एक दफा उनकी हज़रत मूसा …
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हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के ज़माने में एक आदमी था। वह बेचारा बहुत ही गरीब था। वह टुकड़े-टुकड़े को तरसता था। एक दफा उनकी हज़रत मूसा …
फ़ज़ाइले नमाज़ :- कुरआनो हदीस में नमाज़ की बहुत ज़्यादा फ़ज़ीलत बयान की गई है, चुनाँचे खुदाए तआला इरशाद फ़रमाता है, बेशक नमाज़ बे हयाई …
बिला उज़्रे शरई नमाज़ क़ज़ा करना सख़्त गुनाह है जल्द से जल्द अदा करना और तौबह करना फ़र्ज़ है। मकरूह वक़्त के अलावा किसी वक़्त …
जिमाअ यानी हमबिस्तरी की ख़्वाहिश एक फितरी यानी कुदरती जज़्बा है जो हर ज़ीरूह में खिलकतन पाया जाता है। इसे बताने की ज़रूरत नहीं होती। …
नबी सल्ल. ने फ़रमाया कि अल्लाह कियामत के दिन फ़रमाएगा कि ऐ बनी आदम मैं बीमार हुआ और तू मेरी इयादत को न आया। मैंने …