जब माँ ने कहा तुम दोनों मेरे काम के न बने। Jab Maan Ne kaha tum donon mere kam ke Na bane.
इमाम गज़ाली रहमतुल्लाहि ताअला अलैह को अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने दीन की इतनी बड़ी शख़्सियत बनाया। उनकी ज़िन्दगी को आप देखिए उनके पीछे उनकी माँ …
एक दिलचस्प मुनाज़रा। Ek dilchasp munajra.
हज़रत अबुअलहज़ील फरमाते हैं के एक यहूदी बसरे में आया। और उसने आम मुतकल्लमीन को बन्द कर दिया। मैंने अपने चचा से कहा। की मैं …
मुहब्बत और अक़्लमंदी की मिसाल। Mohabbat aur Aqlmandi ki misal.
सुबकतगीन बादशाह अपनी एक बीवी से बहुत ज़्यादा मुहब्बत करता था। एक बार दूसरी बीवियों ने उससे कहा कि आप अपनी बीवी फलाँ से ज़्यादा …
एक बहन और बरहूत का कुआँ। Ek bahan aur barhut Ka Kuan.
सालिहीन बयान करते हैं कि एक सालिह ने बयान किया कि एक मर्द सालिह अजम का रहने वाला मेरा दोस्त था और मक्का मोकर्रमा में …
फितने की शुरुआत कैसे होती है? Fitne ki shuruaat kaise hoti hai.
एक शख़्स ने शैतान को देखा जो अपनी उंगली को उठाए जा रहा था। उस शख़्स ने शैतान से कहा कि तुम यह अपनी उंगली …
शैतान की तीन रातें और आयतुल-कुर्सी का राज़। Shaitan ki teen raten aur Ayatul kursi ka Raz.
एक मरतबा हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हज़रत अबू हुरैरह रजियल्लाहु तआला अन्हु को सदक़-ए-फितर की हिफाज़त के लिए मुकर्रर फरमाया हज़रत अबू हुरैरा …
मुनकिर व नकीर की हैबतनाक आमद। Munkir wa nakir ki haibat nak amad.
मुर्दे को जब क़ब्र में रख दिया जाता है तो उसके पास दो फरिश्ते आते हैं दोनों के रंग स्याह होंगे दोनों की आँखे नीली …
देहाती के सवाल जन्नत के जवाब। Dehati ke sawal Jannat ke jawab.
हज़रत सलीम बिन आमिर रहमतुल्लाहि ताअला अलैहि कहते हैं कि हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के सहाबा कहा करते थे कि अल्लाह तआला हमें देहाती …
हज़रत ख़दीजा रज़ियल्लाहु अन्हा की दास्ताने वफ़ा। Hazrat khadija Raziallahu anha ki Dastane wafa.
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की पहली शादी हज़रत ख़दीजा रज़ियल्लाहु अन्हा से के साथ हुई। यह वो औरत थीं जिनको अल्लाह तआला ने बड़ा …
