27/01/2026
Add a heading 20250622 122619 0000

जादूगर और अदब। Jadugar aur Adab.

Share now
Jadugar aur Adab.
Jadugar aur Adab.

हज़रत मूसा अलैहिस्स्लाम के मुकाबले में सत्तर हज़ार जादूगर थे। अल्लाह तआला ने उनको ईमान लाने की तौफीक अता कर दी। कुछ लम्हे पहले काफिर थे और कुछ लम्हे बाद सज्दे में गिर गए और मोमिन बन गए, क्या वजह थी?

उसकी वजह यह थी कि उनके अंदर अदब था। एक तो वक़्त के नबी साथ मुशाबहत थी और दूसरी वजह किताबों में लिखा है कि मुकाबले से पहले उन्होंने आपस में मशवरा किया था कि क्या करें? उनमें से एक अंधा जादूगर था। उसने कहा भाई देखो दो सूरतें हैं या तो हमारे मुकाबले पर जो है वह वाकई सच्चा है और अल्लाह का नबी है या फिर हमारी तरह जादूगर है।

लिहाज़ा मैं तुम्हें मशवरा देता हूँ कि तुम इसका अदब करो। अगर अदब करेंगे और वह जादूगर हुआ और हम जीत गए तो हमें नुकसान कोई नहीं और अगर वह हम पर ग़ालिब आ गया तो हमने क्योंकि उसका अदब किया होगा इसलिए उसका अदब हमारे लिए फायदे और नफे का सबब बन जाएगा। उन्होंने पूछा कि हम उसका अदब क्या करें?

खूबसूरत वाक़िआ :- मोहर्रम में क्या करें क्या ना करें?

उस अंधे ने मशवरा दिया यानी उसके बातिन में अल्लाह तआला ने रोशनी दे दी होगी और कहा कि अदब यह है कि तुम मुकाबला करने से पहले पूछ लेना कि जनाब आप डालना चाहते हैं अपनी किसी चीज़ को या हम डालकर दिखाएं।

यह जो हम पूछेंगे यह हमारा पूछना इज़्न और अदब बन जाएगा और इस अदब की वजह से हमें यह नफा मिलेगा और वाकई जब उन्होंने कहा वाकई अल्लाह तआला ने मेहरबानी फरमा दी कि अल्लाह तआला ने इस अदब की वजह से ईमान की दौलत नसीब फरमा दी।

अल्लाह से एक दिली दुआ…

ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।

प्यारे भाइयों और बहनों :-

अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।

क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे।
इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें।
अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।
जज़ाकल्लाह ख़ैर….

🤲 Support Sunnat-e-Islam

Agar aapko hamara Islamic content pasand aata hai aur aap is khidmat ko support karna chahte hain, to aap apni marzi se donation kar sakte hain.
Allah Ta‘ala aapko iska ajr ata farmaye. Aameen.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *