एक बुज़ुर्ग बयान फरमाते हैं कि मैं ने एक शख़्स को मस्जिद के एक कोने में आह व ज़ारी के साथ गिड़गिड़ा कर आजज़ी से रो रो कर दुआ करते देखा ।
मैं ने दुआ के बाद वजह मालूम करने की कोशिश की तो उसने बताया कि मामला यह है कि मेरी 6 बच्चियाँ हैं फिर मेरी बीवी हामिला है तो मैं ने अपनी बीवी को बहुत सख़्त सुस्त कहना शुरू किया और बार बार धमकिया दिया करता था कि अगर अब की बार बच्ची हुई तो तुझे माइके भेज दूंगा,
तो मैं एक रात ख़्वाब देखा कि क़यामत काइम है मेरे आमाल के बदले दोज़ख़ की आग है, जब फरिश्ते मुझे दोज़ख़ के पहले दरवाज़े पर लेकर गए तो मैं ने देखा कि मेरी बड़ी बच्ची खड़ी है और उसने फरिश्ते से कहा कि मैं इसकी बच्ची हूँ,Ek bahot khas nasihat.
मेरा बाप बहुत दुश्वारीयां उठा कर मेरी परवरिश और तरबियत की है लिहाज़ा मैं इसे नहीं ले जाने दूँगी । वहाँ से मुझे दूसरे दरवाज़े पर लाया गया, वहाँ मेरी दूसरी बच्ची मौजूद थी फिर इसी तरह के सवाल व जवाब हुए फिर तीसरे चौथे पांचवे छठे दरवाज़े पे छठी बच्ची ने रोक लिया।
फिर मेरी आँख खुल गई तब से मैं रो रो कर दुआ करता हूँ कि अल्लाह पाक मुझे एक और बच्ची अता करदे ताकि कल क़यामत के दिन मेरे आमाल अगर काम न आसके तो इन बच्चियों की वजह से अल्लाह पाक दोज़ख़ से निजात अता फरमाए ।Ek bahot khas nasihat.
आज कल बेटे वालों की ख़ुबासत की वजह से लोग बच्चियों की पैदाइश पे ग़मगीन हो जाते हैं । हमें बच्चियों की ख़ातिर ग़म नही करना चाहिए हदीस में आया है कि जब किसी के यहां बेटा पैदा होता है तो अल्लाह तआला फरमाता है जा अपने बाप की मदद कर और जब किसी के यहाँ बेटी पैदा होती है तो अल्लाह तआला फरमाता है जा मैं तेरे बाप की मदद करूंगा।
तो आप ने यह समझ लिया होगा कि बच्चियों के माँ बाप के साथ अल्लाह तआला की मदद है। अगर जहेज़ के नाम पर कोई भिकारी बेटी वालों से भिक मांगता है या जानवर समझ कर बेटे की क़ीमत वसूल करता है। तो अल्लाह की लानत का मुस्तहिक़ हो जाता है और यह तजुर्बा है कि ऐसा बाप हमेशा परेशान और ज़लील व ख़ार होता है।Ek bahot khas nasihat.
इस्लाम ने निकाह की अदाईगी में जो क़ैद लगाया है वह सिर्फ इजाब व क़ुबूल है । निकाह मूनअक़िद होने के लिए जो शराइत हैं जब वह पाये जाएँ उसके बाद इजाब व क़ुबूल हो जाये शादी हो गई । अब अल्लाह तआला के प्यारे हबीब (स.व) ने जितनी फ़ज़ीलत व अहमियत और लवाज़िमात इरशाद फरमाए हैं।
सब लागू हो गया। आज कल यह जो डकैतों की फौज लेकर भूखे भेड़िये की तरह बेटी वालों के यहाँ हमला आवर होते हैं और उनकी खिदमत के लिए बेटी वाला जितना क़रज़ लेता है और जिस क़दर उनका दिल दुखता है फिर न चाह कर सिर्फ बेटी को ख़ुश देखने के लिए ख़ून के आंसु पी कर बेटे वालों के बदत्तमीज़ बारात को बरदाश्त करता है। औरत का नाज़ करना।
इस से जिस क़दर बेटी वालों का दिल दुखेगा उतना ही अल्लाह तआला की नाराज़गी का सबब होगा। फिर मज़ीद यह कि बेटे वाला बेटी वालों पर मीठा और ख़ूबसूरत ज़ुल्म यह भी करता है कि सलामी के नाम पर अपने बेटे का दाम वसूल करता है,
और वक़्त का अलमिया यह कि उस रक़म की अदाईगी के लिए बेटी वाला अपनी जाइदाद बल्कि बाज़ औक़ात घर तक सूद की अदाईगी में लगा देता है और बाज़ बेटी वाले भिक मांग मांग कर इंटरनेशनल भिकारी बेटे वाले को रुपये देते हैं तब जा कर यह शादी करते हैं।Ek bahot khas nasihat.
याद रखें जब तक बेटी वालों को यह रुपये वापिस कर के माफी न मांग ले तब तक अल्लाह पाक की नाराज़गी होगी और ऐसी शादी वाले निकाह की बरकत व फ़ज़ीलत से भी अक्सर महरूम ही होंगे। अल्लाह तआला हर बेटे वालों को अक़्ले सलीम अता फरमाए।
और बेटे के ज़रिये दुनिया व आख़िरत की नेमत और अल्लाह व रसूल की ख़ुश्नुदी कमाने की तौफ़ीक़ अता फरमाए, आमीन!
ज़रूरी हिदायत को अपने दोस्तों और जानने वालों को शेयर करें।ताकि दूसरों को भी आपकी जात व माल से फायदा हो और यह आपके लिये सदका-ए-जारिया भी हो जाये।Ek bahot khas nasihat.
क्या पता अल्लाह तआला को हमारी ये अदा पसंद आ जाए और जन्नत में जाने वालों में शुमार कर दे। अल्लाह तआला हमें इल्म सीखने और उसे दूसरों तक पहुंचाने की तौफीक अता फरमाए ।आमीन।
खुदा हाफिज…
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