हज़रत उमर फ़ारूक़ रज़ि० का वज़ीफ़ा ।Hazrat Umar Farooq Ka Wazifa.
हज़रत उमर रज़ि० भी तिजारत किया करते थे। जब ख़लीफ़ा बनाये गये तो बैतुल माल से वजीफ़ा मुकर्रर हुआ। मदीना-ए-तय्यबा में लोगों को जमा फ़र्मा …
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Ramzan Mubarak ke roze, taraweeh, sehri, iftar, Laylatul Qadr aur Ramzan ke masail Hindi me
हज़रत उमर रज़ि० भी तिजारत किया करते थे। जब ख़लीफ़ा बनाये गये तो बैतुल माल से वजीफ़ा मुकर्रर हुआ। मदीना-ए-तय्यबा में लोगों को जमा फ़र्मा …
आप ने अक्सर देखा और सुना होंगा बहुत से गैर मुस्लिम, मुसलमानों को ताना देते हैं कि इस्लाम ने औरतों के साथ ना इन्साफी की …
खलीफा मनसूर अपने शहर में एक जगह बैठे थे की आप ने एक ग़मगीन और परेशान हाल शख़्स को वहाँ से गुज़रते हुए देखा। खलीफा …
12 / रबीउल अव्वल 1 हि० को जुमुआ का दिन था, नबी सल्ल0 कुबा से सवार होकर बनी सालिम के घरों तक पहुंचे कि जुमुआ …
हज़रत उमर रज़ि० बसा औकात एक तिनका हाथ में लेते और फ़र्माते, काश, मैं यह तिनका होता, कभी फ़र्माते, काश, मुझे मेरी माँ ने जना …
वलीमा करना सुन्नते मौकेदाह हैं । जान बुझ कर वलीमा न करने वाला सख्त गुनाहगार है।(कीम्या-ए-सआदत, सफा नं. 2611) वलीमा येह है कि सुहाग रात …
सोहबत (हमबिस्तरी) से पहले खुशबू लगाना बेहतर है। खुशबू सरकारे मदीना सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम को बहुत पसंद थी । आप (स.व)हमेशा ख़ुशबू का …
मज़हबे इस्लाम हमारी हर जगह हर हाल में रहनुमाई करता हुआ नज़र आता है यहाँ तक कि मियाँ, बीवी, के आपसी तअल्लुकात में भी एक …
मसअला :- मियाँ बीवी का सोहबत के वक्त एक दूसरे की शर्मगाह को मस करना बेशक जाइज़ है बल्कि नेक नियत से हो तो मुस्तहब …
सोहबत के दौरान मर्द किसी दूसरी औरत का और औरत किसी दूसरे मर्द का ख़्याल न लाऐं। यानी ऐसा न हो कि मर्द सोहबत तो …