हमबिस्तरी के दौरान किसी और का ख़्याल ।Hambistari ke Dauran kisi aur ka khayal.
सोहबत के दौरान मर्द किसी दूसरी औरत का और औरत किसी दूसरे मर्द का ख़्याल न लाऐं। यानी ऐसा न हो कि मर्द सोहबत तो …
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Islamic History Islamic History, Ghazwat, Khilafat aur Islami tareekh ke aham waqiat Hindi me.
सोहबत के दौरान मर्द किसी दूसरी औरत का और औरत किसी दूसरे मर्द का ख़्याल न लाऐं। यानी ऐसा न हो कि मर्द सोहबत तो …
बीवी से ज़िन्दगी में एक मरतबा सोहबत करना कज़ाअन वाजिब है और हुक्म येह है कि औरत से सोहबत कभी कभी करता रहे । इस …
जब दूल्हा, दुल्हन कमरे में जाए और तन्हाई हो तो बेहतर येह हैं कि, सब से पहले दुल्हन, दूल्हा दोनों वुजू कर ले और फिर …
इमाम ग़ज़ाली रहमतुल्लाहि अलै. ने लिखा है कि नान नफ्के के अलावा औरतों की कम- अक्ली, -कमज़ोरी, मिनाज की तेजी वगैरह का ख़्याल रखते हुए …
जबकि अल्लाह तआला ने औरतों का रिज़्क और दीन व दुनिया की सहूलियतें व आसानियां शौहर के कब्ज़े में कर दी हैं उन पर खाना, …
औरत जब हमल से हो तो उस हालत में सोहबत करना शरीअते इस्लामी की रू से मना नहीं है और इस पर कोई गुनाह भी …
शरीयत का यह हुक्म है कि अगर घर में बेटी पैदा होती है तो अल्लाह तआला ने गोया रहमत का दरवाज़ा खोल दिया। अगर दो …
जब औरत हैज़ (माहवारी) की हालत में हो तो उस से सोहबत करना सख्त गुनाहे कबीरा, ना जाइज़ व सख्त हराम हराम हराम है। इस …
मौजूदा ज़माने में ज्यादा बच्चों को मुसीबत समझा जा रहा है। ज़्यादा बच्चे पैदा न हो इस के लिए आज कल निरोध (Condom) कापर-टी, और …
एक नवाब की खुबसूरत लडकी फसाद के दौरान मस्जिद में पनाह लेने के लिये दाख़िल हुई ! तो देखा के एक नौजवान लडका तिलावत में …