शादी की रस्में |Shaadi ki rasmen.
निकाह की रस्में निकाह में जो चीजें फ़र्ज़ हैं, वे सिर्फ दो हैं- कम से कम दो गवाहों की मौजूदगी और ईजाब व कबूल और …
Islamic Knowledge
Islamic History Islamic History, Ghazwat, Khilafat aur Islami tareekh ke aham waqiat Hindi me.
निकाह की रस्में निकाह में जो चीजें फ़र्ज़ हैं, वे सिर्फ दो हैं- कम से कम दो गवाहों की मौजूदगी और ईजाब व कबूल और …
बच्चों की सालगिरह आजकल मुसलमानों के बीच बच्चों की सालगिरह (Birthday) मनाने का रिवाज बहुत आम हो गया है। हालाँकि यह एक गैर-शरई रस्म है। …
ग़ीबत और चुगलखोरी में फर्क ग़ीबत और चुगलखोरी में थोड़ा सा फर्क है। गीबत कहते हैं अगर कोई आदमी किसी की तारीफ करे तो उसे …
कबीरा गुनाहों की सूची मुख्तसर तौर पर हम हाफिज़ ज़हबी की किताब से कबीरा यानी बड़े-बड़े गुनाहों की फेहरिस्त लिखते हैं: (1) शिर्क और शिर्क …
ग़ीबत ग़ीबत गुनाहे कबीरा है। आज मुसलमान इसमें बहुत ज़्यादा मुब्तला हैं और औरतें तो खुसूसियत से इस में इमाम ही हैं, हालांकि कुरआन पाक …
ज़िन्दगी की बेहतरीन तरतीब ज़िन्दगी में हमें आख़िरत को सामने रखकर अपनी ज़िन्दगी की तरतीब बनानी है। जहन्नम के अज़ाब को बरदाश्त करने का हौसला …
दो मकानों में से बेहतरीन चयन अब फैसला हमको करना है कि हमारी मन्ज़िल कौन सी होनी चाहिए। अगर किसी औरत से पूछा जाए कि …
अल्लाह तआला की नजदीकियां कैसे हासिल हो? जब तक इनसान गुनाहों को न छोड़े उस वक़्त तक उसको अल्लाह की नजदीकी हासिल नहीं हो सकती। …
आख़िरत के दो मकान अल्लाह रब्बुल्-इज़्ज़त ने हर इनसान के लिए आख़िरत के दो मकान तैयार किये हैं। एक जन्नत में दूसरा जहन्नम में। अगर …
हम कहाँ जा रहे हैं? एक बुजुर्ग फरमाते थेः ऐ दोस्त ! तेरा उठने वाला हर कदम या तुझे जन्नत के करीब कर रहा है …