ग़ीबत: एक गुनाह जो जन्नत से दूर कर सकता है | Geebat ek Gunah Jo Jannat Se dur kar sakta hai
ग़ीबत ग़ीबत गुनाहे कबीरा है। आज मुसलमान इसमें बहुत ज़्यादा मुब्तला हैं और औरतें तो खुसूसियत से इस में इमाम ही हैं, हालांकि कुरआन पाक …
Islamic Knowledge
Islamic History Islamic History, Ghazwat, Khilafat aur Islami tareekh ke aham waqiat Hindi me.
ग़ीबत ग़ीबत गुनाहे कबीरा है। आज मुसलमान इसमें बहुत ज़्यादा मुब्तला हैं और औरतें तो खुसूसियत से इस में इमाम ही हैं, हालांकि कुरआन पाक …
ज़िन्दगी की बेहतरीन तरतीब ज़िन्दगी में हमें आख़िरत को सामने रखकर अपनी ज़िन्दगी की तरतीब बनानी है। जहन्नम के अज़ाब को बरदाश्त करने का हौसला …
दो मकानों में से बेहतरीन चयन अब फैसला हमको करना है कि हमारी मन्ज़िल कौन सी होनी चाहिए। अगर किसी औरत से पूछा जाए कि …
अल्लाह तआला की नजदीकियां कैसे हासिल हो? जब तक इनसान गुनाहों को न छोड़े उस वक़्त तक उसको अल्लाह की नजदीकी हासिल नहीं हो सकती। …
आख़िरत के दो मकान अल्लाह रब्बुल्-इज़्ज़त ने हर इनसान के लिए आख़िरत के दो मकान तैयार किये हैं। एक जन्नत में दूसरा जहन्नम में। अगर …
हम कहाँ जा रहे हैं? एक बुजुर्ग फरमाते थेः ऐ दोस्त ! तेरा उठने वाला हर कदम या तुझे जन्नत के करीब कर रहा है …
तिलावत की आवाज़ पर फरिश्ते उतर पड़े एक सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु अपने घर में तहज्जुद की नमाज़ में कुरआन पढ़ रहे हैं, तबियत पर कैफ …
सिद्दीके अकबर के सिक व वफा की इन्तिहा जब गारे सौर में पहुँचने के लिए पहाड़ पर चढ़ने का वक़्त था तो नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु ताआला …
सिद्दीके अकबर रज़ियल्लाहु अन्हु की नेकियाँ सितारों की मानिन्द : एक दफा हज़रत आएशा रज़ियल्लाहु अन्हा आराम फरमा रही थीं। आसमान पर सितारे चमक रहे …
सिद्दीके अकबर के इश्क़ व वफ़ा की हद तो देखिए एक दफा नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हरम शरीफ में थे। कुफ़्फ़ार ने आकर नबी अलैहिस्सलातु …