औरत के हुकूक।Aurat ke Huqooq.
इमाम ग़ज़ाली रहमतुल्लाहि अलै. ने लिखा है कि नान नफ्के के अलावा औरतों की कम- अक्ली, -कमज़ोरी, मिनाज की तेजी वगैरह का ख़्याल रखते हुए …
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इमाम ग़ज़ाली रहमतुल्लाहि अलै. ने लिखा है कि नान नफ्के के अलावा औरतों की कम- अक्ली, -कमज़ोरी, मिनाज की तेजी वगैरह का ख़्याल रखते हुए …
जबकि अल्लाह तआला ने औरतों का रिज़्क और दीन व दुनिया की सहूलियतें व आसानियां शौहर के कब्ज़े में कर दी हैं उन पर खाना, …
औरत जब हमल से हो तो उस हालत में सोहबत करना शरीअते इस्लामी की रू से मना नहीं है और इस पर कोई गुनाह भी …
आप का और हमारा येह मुशाहेदा है की मुसलमानों में आज बड़ी तदाद में ऐसे लोग है जो शादी तो कर लेते हैं महेर भी …
कुछ लोग औरत को हालते हैज़ (माहवारी) में जब तक वोह पाक नहीं होती तब तक एैसा नापाक और अछूत समझ लेते है, कि उस …
गुस्ल पाँच चीज़ों से फर्ज़ होता है यानी इन पाँच चीज़ों में से कोई एक भी सूरत पाई जाए तो गुस्ल करना फ़र्ज़ है । …
शरीयत का यह हुक्म है कि अगर घर में बेटी पैदा होती है तो अल्लाह तआला ने गोया रहमत का दरवाज़ा खोल दिया। अगर दो …
शरीअते इस्लामी में सोहबत करने के लिए कोई ख़ास वक्त नहीं बताया गया है। शरीअत में दिन और रात के हर हिस्से में सोहबत करना …
अल्लाह तआला ने फरमाया:- तर्जुमा:- ऐ पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लोग आप से हैज़ (माहवारी) के बारे में पूछते हैं, फरमा दीजिये कि वह …
जब औरत हैज़ (माहवारी) की हालत में हो तो उस से सोहबत करना सख्त गुनाहे कबीरा, ना जाइज़ व सख्त हराम हराम हराम है। इस …