जब फ़रिश्ते क़ुरआन सुनने ज़मीन पर उतर आए |Jab farishte Quran sunane jameen per utar Aaye.
तिलावत की आवाज़ पर फरिश्ते उतर पड़े एक सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु अपने घर में तहज्जुद की नमाज़ में कुरआन पढ़ रहे हैं, तबियत पर कैफ …
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तिलावत की आवाज़ पर फरिश्ते उतर पड़े एक सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु अपने घर में तहज्जुद की नमाज़ में कुरआन पढ़ रहे हैं, तबियत पर कैफ …
सिद्दीके अकबर के सिक व वफा की इन्तिहा जब गारे सौर में पहुँचने के लिए पहाड़ पर चढ़ने का वक़्त था तो नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु ताआला …
सिद्दीके अकबर रज़ियल्लाहु अन्हु की नेकियाँ सितारों की मानिन्द : एक दफा हज़रत आएशा रज़ियल्लाहु अन्हा आराम फरमा रही थीं। आसमान पर सितारे चमक रहे …
सिद्दीके अकबर के इश्क़ व वफ़ा की हद तो देखिए एक दफा नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हरम शरीफ में थे। कुफ़्फ़ार ने आकर नबी अलैहिस्सलातु …
गुलाब के फूल पर शबनम इश्क व मुहब्बत की यह दास्तान भी अजीब है कि गारे सौर में जिस सूराख़ पर सैय्यदना सिद्दीके अकबर ने …
सहाबा किराम नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के आशिक़ थे और उनमें पहला नम्बर हज़रत अबूबक्र सिद्दीके अकबर रज़ियल्लाहु अन्हु का था। हाफिज़ इब्ने हजर रहमतुल्लाह …
एक सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु हुज़ूर सल्लल्लाहु ताआला अलैहि वसल्लम की ख़िदमत में हाज़िर होकर अर्ज करते हैं कि ऐ अल्लाह के नबी! मैं एक बात …
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने सहाबा किराम में हया वाली सिफ्त ऐसी कूट-कूटकर भर दी थी कि उनकी निगाहें गैर की तरफ उठती ही …