कुरआन पढ़ने की एक ख़ास फज़ीलत। Quraan padhne ki ek khas fajilat.
मुस्नद अहमद में है जिसने अल्लाह की राह में एक हज़ार आयतें पढ़ीं वह इंशाअल्लाह क़यामत के दिन नबियों, सिद्दीकों, शहीदों और सालेहों के साथ …
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मुस्नद अहमद में है जिसने अल्लाह की राह में एक हज़ार आयतें पढ़ीं वह इंशाअल्लाह क़यामत के दिन नबियों, सिद्दीकों, शहीदों और सालेहों के साथ …
हज़रत अबुअलहज़ील फरमाते हैं के एक यहूदी बसरे में आया। और उसने आम मुतकल्लमीन को बन्द कर दिया। मैंने अपने चचा से कहा। की मैं …
एक शख़्स ने शैतान को देखा जो अपनी उंगली को उठाए जा रहा था। उस शख़्स ने शैतान से कहा कि तुम यह अपनी उंगली …
मुर्दे को जब क़ब्र में रख दिया जाता है तो उसके पास दो फरिश्ते आते हैं दोनों के रंग स्याह होंगे दोनों की आँखे नीली …
हज़रत सलीम बिन आमिर रहमतुल्लाहि ताअला अलैहि कहते हैं कि हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के सहाबा कहा करते थे कि अल्लाह तआला हमें देहाती …
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की पहली शादी हज़रत ख़दीजा रज़ियल्लाहु अन्हा से के साथ हुई। यह वो औरत थीं जिनको अल्लाह तआला ने बड़ा …
हिकायात में बयान किया जाता है कि हज़रत उमर इब्ने अल्-ख़त्ताब रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने अपने ज़मान-ए-ख़िलाफ्त में हज़रत हुजैफा बिन यमान रज़ियल्लाहु तआला अन्हु …
सूरज या चाँद में गरहन लगे तो खुदा की याद में लग जाइए, उससे दुआएँ कीजिए. तकबीर’ व तहलील और सदक़ा व खैरात कीजिए। इन …
दिलचस्पी और मेहनत के साथ कारोबार कीजिए। अपनी रोजी खुद अपने हाथों से कमाइए और किसी पर बोझ न बनिए । एक बार नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु …
खुशी के मौक़ों पर खुशी जरूर मनाइए । खुशी इनसान का फ़ितरी तक़ाज़ा और जरूरत है। दीन फ़ितरी जरूरतों की अहमियत को महसूस करता है …