नजर के रोज़े का बयान|Najar ke Roze ka Bayan.
नजर के रोज़े का बयान मस्अला 1:- जब कोई नजर माने, तो उसका पूरा करना वाजिब है। अगर न रखेगी, तो गुनाहगार होगी। मस्अला 2 …
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नजर के रोज़े का बयान मस्अला 1:- जब कोई नजर माने, तो उसका पूरा करना वाजिब है। अगर न रखेगी, तो गुनाहगार होगी। मस्अला 2 …
कज़ा रोज़े :- मस्अला 1:- हैज़ की वजह से या और किसी वजह से जो रोज़े जाते रहे हों, रमज़ान के बाद जहां तक जल्दी …