14/01/2026
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नेपाल टूरिज़्म: विरोध के बाद भी बुकिंग्स वापस पटरी पर।Nepal Tourism: Bookings Back on Track After Protests

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Nepal Tourism: Bookings Back on Track After Protests
Nepal Tourism: Bookings Back on Track After Protests

नेपाल में हुए विरोध और टूरिज़्म पर असर: अब सब पटरी पर नेपाल दुनिया भर के सैलानियों के लिए हमेशा से खास जगह रहा है। यहाँ की बर्फ से ढकी ऊँची चोटियाँ, ट्रेकिंग रूट, बौद्ध मंदिर और संस्कृति हर किसी को आकर्षित करते हैं। सितंबर से दिसंबर का समय नेपाल का सबसे बिज़ी टूरिस्ट सीज़न होता है। लेकिन इस साल अचानक हालात बिगड़े और विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए।

क्यों भड़के विरोध?

नेपाल में हाल ही में सरकार ने अचानक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर पाबंदी लगा दी। इससे युवाओं और आम जनता में नाराज़गी फैल गई। लोग सड़कों पर उतर आए और जगह-जगह प्रदर्शन होने लगे। इस दौरान कई होटल और सार्वजनिक जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएँ भी हुईं।

टूरिज़्म इंडस्ट्री पर असर

यह समय नेपाल में सबसे ज्यादा टूरिस्ट आने का होता है, लेकिन विरोध के चलते कई लोगों ने अपनी ट्रिप कैंसल कर दी।

कई विदेशी सरकारों ने अपने नागरिकों को “अभी नेपाल मत जाओ” जैसी एडवाइजरी दे दी।

होटल और ट्रैवल एजेंसियों में 8–10% बुकिंग्स कैंसल हो गईं।

खासकर लक्ज़री होटल्स जैसे Hilton Kathmandu और Varnabas Museum Hotel पर सीधा असर पड़ा।

अब हालात कैसे सुधर रहे हैं?

चिंता की बात यह है कि विरोध से नुकसान तो हुआ, लेकिन अब अच्छी खबरें भी आ रही हैं।

(1) स्थिति धीरे-धीरे शांत हो रही है – सरकार और प्रशासन हालात को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

(2) होटल्स ने डिस्काउंट देना शुरू किया – बड़े होटल्स ने अपने रेट्स कम करके और ऑफ़र देकर टूरिस्ट्स को वापस आकर्षित करना शुरू किया है।

(3) सार्वजनिक जीवन सामान्य होने लगा है – बाज़ार और धार्मिक स्थल खुलने लगे हैं, जिससे सैलानियों का भरोसा लौट रहा है।

(4) पर्यटन नेपाल की रीढ़ है – जीडीपी का बड़ा हिस्सा टूरिज़्म से आता है, इसलिए सरकार और स्थानीय लोग इसे फिर से पटरी पर लाने में लगे हैं।

(5) विदेशी टूरिस्ट्स का पॉज़िटिव अनुभव – जो लोग विरोध के दौरान नेपाल में थे, उन्होंने कहा कि उन्हें असुरक्षित महसूस नहीं हुआ। इससे बाहर के लोगों को भी भरोसा मिला है।

नतीजा :-

नेपाल का टूरिज़्म ज़रूर हिला, लेकिन डूबा नहीं। अब बुकिंग्स दोबारा बढ़ने लगी हैं और उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में हालात और बेहतर होंगे। अगर नेपाल सरकार सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखती है, तो टूरिस्ट्स का भरोसा फिर से पूरी तरह लौट आएगा।

नेपाल के लोग मेहमाननवाज़ होते हैं और उनकी मुस्कान ही सबसे बड़ा आकर्षण है। यही वजह है कि चाहे हालात कितने भी खराब क्यों न हों, नेपाल टूरिज़्म हमेशा वापस खड़ा हो जाता है।

तो अगर आप भी नेपाल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो घबराइए मत। होटल्स और ट्रैवल एजेंसियाँ अब फिर से पूरी तैयारी में हैं। बस अपना बैग पैक कीजिए और नेपाल की खूबसूरती का मज़ा लीजिए।

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