09/08/2026
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हज़रत ओवैस करनी कौन थे? माँ की ख़िदमत ने उन्हें कहाँ पहुँचा दिया? दिल छू लेने वाला वाक़िया |Hazrat Owais Qarni Kaun The? Maa Ki Khidmat Ne Unhe Kahan Pahuncha Diya? Dil Chhoo Lene Wala Waqia

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Hazrat Owais Qarni Kaun The?
Hazrat Owais Qarni Kaun The?

Hazrat Owais Qarni Kaun The?

हज़रत ओवैस करनी रहमतुल्लाहि अलैह का नाम इस्लामी इतिहास में बड़ी मोहब्बत और अदब के साथ लिया जाता है। वह यमन के रहने वाले और ताबेईन में से थे। उन्हें नबी-ए-करीम ﷺ की ज़ियारत का मौका नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद उनकी फ़ज़ीलत का ज़िक्र खुद नबी ﷺ की हदीस में मिलता है।

हज़रत ओवैस करनी रहमतुल्लाहि अलैह की ज़िंदगी हमें अल्लाह की इताअत, माँ की ख़िदमत, सादगी और नेक अमल की बहुत खूबसूरत सीख देती है। खास बात यह है कि उनकी माँ उनके लिए बहुत अहम थीं और उनके साथ अच्छे सुलूक का ज़िक्र सहीह मुस्लिम की रिवायत में भी मिलता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि हज़रत ओवैस करनी रहमतुल्लाहि अलैह कौन थे, नबी-ए-करीम ﷺ ने उनके बारे में क्या फ़रमाया और उनकी ज़िंदगी से हमें क्या सीख मिलती है।

आइए, इस ईमान-अफ़रोज़ वाक़िए को जानते हैं और कोशिश करते हैं कि इससे मिलने वाली अच्छी सीख को अपनी ज़िंदगी में भी अपनाएँ।

हज़रत ओवैस करनी को खैर-उल-तबीईन कहा जाता है ये लकब उन्हें खुद हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने अता फरमाया।

वह यमन के रहने वाले थे, जब आप छोटे थे, उसी वक्त हज़रत ओवैस करनी के वालिद का इंतेकाल हो गया था। मां ने पाला और जिम्मेदारी संभाली, जब हज़रत ओवैस करनी ने होश संभाला तो उन्होंने अपनी मां को बीमार और नाबीना पाया।

इसके बाद से ओवैस करनी ने अपनी मां की देखभाल और खिदमत को अपना फरीज़ा बना लिया, अपनी मां की इसी सेवा और खिदमत की वजह से हज़रत ओवैस करनी को हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की बारगाह में मकबूलियत मिली।

हज़रत ओवैस करनी की गिनती सफे अव्वल की ताबीईन में होती है, उन्हें हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जमाना तो पाया था ,लेकिन वह हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जियारत न कर सके,

इसकी वजह से ये बयान की जाती है कि उनकी मां काफी बीमार और नाबिना थीं और वह उन्हें छोड़ कर सफर नहीं कर सकते थे, इसलिए हज़रत ओवैस करनी ताबीई हैं, सहाबी नहीं।

हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सहाबियों को हज़रत ओवैस करनी से मिलने का हुक्म दिया था।

हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत ओवैस करनी का जिक्र करते हुए अपने सहाबियों को हुक्म दिया था कि तुम में से जो भी ओवैस करनी से मिले,

उनसे दुआ कराए एक रिवायत के मुताबिक, मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत उमर फारूक रज़ियल्लाहु अन्हु को खास तौर पर हुक्म दिया है कि जब तुम ओवैस करनी से मिलो तो उन्हें मेरा सलाम कहना, और कहना कि वह तुम्हारे लिए मगफिरत कि दुआ करे, क्योंकि वह कबीला रबीया और मुजर के बराबर लोगों की शफाअत करेगा।

एक रिवायत ये भी है कि अमीर अल-मुमिनिन, हज़रत उमर फारूक रज़ियल्लाहु अन्हु और अमीर अल-मुमिनिन हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु दोनों को हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हजरत ओवैस करनी से तलबे दुआ का हुक्म दिया था और बाद में दोनों साहिबान ने हजरत ओवैस करनी से दुआ करवाई।

हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के इस दुनिया से रुख्सत के करीब दस साल बाद तक हज़रत ओवैस करनी की तलाश जारी,

हज़रत अबु बक्र सिद्दीक (र.अ)का दौर गुजर गया, लेकिन हज़रत ओवैस करनी को नहीं तलाश किया जा सका,

रिवायत में आया है कि फिर जब हज़रत उमर फारूक रजि अल्लाह उन्हु का दौरान आया तो उन्होंने हज़रत बिलाल बिन रिबाह को हजरत ओवैस करनी की तलाश का हुक्म दिया।

हजरत बिलाल बिन रिबाह हजरत ओवैस कर्नी से मिले, उन्होंने कहा: हे ओवैस, हज़रत उमर फारूक आपसे मिलना चाहते हैं, जिस पर हज़रत ओवैस करनी हजरत उमर और सैयदे अली अली मुर्तजा से मिले।

जब हज़रत उमर फारूक से ओवैस करनी की मुलाकात हुई तो उन्होंने ओवैस करनी से कहा- ऐ ओवैस, तुम अल्लाह के रसूल के पास क्यों नहीं गए? जवाब में हज़रत ओवैस कर्नी ने कहा: आप दोनों (हजरत उमर और हज़रत अली) ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से मुलाकात की,

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फिर हज़रत ओवैस करनी ने सवाल किया कि बताए कि उहुद की लड़ाई के दिन अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के कौन से दांत शहीद हुए थे, फिर ओवैस करनी ने कहा कि चूंकि मुझे पता नहीं था कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के कौन से दांत शहीद हुए,

इसलिए मैंने अपने सारे दांतों को तोड़ दिया, तब जाकर मुझे करार आया. हज़रत ओवैस करनी की ये बातें सुनकर हज़रत अली और हज़रत उमर फारूक दोनों ज़ारो कतार रोने लगे।

इस्लाम की तारीख में हज़रत ओवैस करनी को मां की खिदमत, अताअत और हुस्नौ सुलूक के हवाले से भी खास शोहरत हासिल है

रिवायत है कि मोहम्मद ﷺ ने कहा कि जब लोग जन्नत में जा रहे होंगे तो हज़रत ओवैस करनी भी चलेंगे उस वक्त अल्लाह फर्मायेगा बाक़ियों को जाने दो और ओवैस करनी को रोक लो, उस वक़्त हज़रत ओवैस करनी परेशान हो जाएंगे और कहेंगे कि ऐ अल्लाह!Hazrat Owais Qarni Kaun The?

मुझे दरवाजे पर क्यों रोक लिया गया तो अल्लाह फरमायेगा कि पीछे देखो जब पीछे देखेंगे तो पीछे करोड़ों-अरबों की तादाद में जहन्नमी खड़े होंगे तो उस वक्त अल्लाह फर्मायेगा! कि ओवैस तेरी एक नेकी ने मुझे बहुत खुशकिया है ”मां” की खिदमत ”तू उंगली से इशारा कर जिधर तेरी उंगली फिरती जाएगी तेरे तुफ़ैल से इनको जन्नत में दाखिल करता जाऊंगा..!

रिवायतों में आया है कि ओवैस करनी ने अल्लाह के रसूल का जमाना तो पाया लेकिन अपनी बूढ़ी और बीमार मां को छोड़ कर कभी मदीना नहीं आ सके और मां की जिंदगी तक भरपूर उनकी खिदमत करते रहे।

FAQ – हज़रत ओवैस करनी रहमतुल्लाहि अलैह

सवाल 1: हज़रत ओवैस करनी रहमतुल्लाहि अलैह कौन थे?
जवाब: हज़रत ओवैस करनी रहमतुल्लाहि अलैह यमन के रहने वाले एक बुज़ुर्ग ताबेई थे। उन्हें नबी-ए-करीम ﷺ का ज़माना मिला, लेकिन वह आप ﷺ की ज़ियारत नहीं कर सके।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 2: हज़रत ओवैस करनी रहमतुल्लाहि अलैह को ताबेई क्यों कहा जाता है?
जवाब: क्योंकि उन्होंने नबी-ए-करीम ﷺ को नहीं देखा था। इसलिए वह सहाबी नहीं बल्कि ताबेई कहलाते हैं।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 3: नबी-ए-करीम ﷺ ने हज़रत ओवैस करनी के बारे में क्या फ़रमाया?
जवाब: सहीह मुस्लिम की रिवायत में हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अन्हु से मर्वी है कि नबी ﷺ ने हज़रत ओवैस के बारे में उनकी फ़ज़ीलत बयान की और उनसे मिलने पर अपने लिए मग़फ़िरत की दुआ करवाने की हिदायत दी। (सहीह मुस्लिम, हदीस 2542)Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 4: हज़रत ओवैस करनी की सबसे खास बात क्या थी?
जवाब: सहीह मुस्लिम की रिवायत में उनकी माँ के साथ अच्छे सुलूक का खास तौर पर ज़िक्र मिलता है। इससे माँ की ख़िदमत और उनके साथ अच्छे व्यवहार की अहमियत समझ आती है।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 5: क्या हज़रत ओवैस करनी नबी ﷺ से मिलना चाहते थे?
जवाब: उनके बारे में मशहूर है कि वह नबी ﷺ के दौर में मौजूद थे, लेकिन अपनी माँ की ज़िम्मेदारी और उनकी हालत की वजह से मदीना जाकर मुलाक़ात नहीं कर सके। उनके बारे में प्रमाणित बातों में माँ के साथ उनके अच्छे सुलूक का विशेष उल्लेख मिलता है।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 6: हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अन्हु ने हज़रत ओवैस करनी को क्यों तलाश किया?
जवाब: नबी-ए-करीम ﷺ ने हज़रत ओवैस की फ़ज़ीलत बयान की थी और उनसे मिलने पर दुआ करवाने की हिदायत दी थी। इसी वजह से हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अन्हु ने उनकी तलाश की।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 7: हज़रत ओवैस करनी की कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
जवाब: हमें माँ-बाप की ख़िदमत, अच्छे अख़लाक़, सादगी, अल्लाह की इताअत और नेक अमल की अहमियत सीखने को मिलती है।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 8: क्या हज़रत ओवैस करनी की माँ की ख़िदमत का ज़िक्र सहीह हदीस में है?
जवाब: जी हाँ। सहीह मुस्लिम की रिवायत में उनकी माँ के साथ अच्छे सुलूक का स्पष्ट ज़िक्र मिलता है। (सहीह मुस्लिम, हदीस 2542)Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 9: क्या हज़रत ओवैस करनी की तरफ़ मंसूब हर मशहूर वाक़िया सहीह है?
जवाब: नहीं। उनसे जुड़े कई किस्से और बातें किताबों तथा सोशल मीडिया में मशहूर हैं, लेकिन हर बात का सहीह होना जरूरी नहीं। इसलिए दीन की बात लिखते समय प्रमाणित रिवायत को ही निश्चित रूप से हदीस कहना चाहिए।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

सवाल 10: हज़रत ओवैस करनी के बारे में सबसे अहम संदेश क्या है?
जवाब: इंसान की असली क़ीमत सिर्फ़ शोहरत में नहीं बल्कि ईमान, नेक अमल, अल्लाह की फ़रमाबरदारी और माँ-बाप के साथ अच्छे सुलूक में है।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

अल्लाह से एक दिली दुआ…

ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

प्यारे भाइयों और बहनों :-

अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे। इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें। अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।Hazrat Owais Qarni Kaun The?

जज़ाकल्लाह खैर….

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