22/07/2026
Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai? | Gusl Ke Farz, Sunnat Aur Zaroori Masail

गुस्ल करने का सही तरीका क्या है? | गुस्ल के फ़र्ज़, सुन्नत और ज़रूरी मसाइल|Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai? | Gusl Ke Farz, Sunnat Aur Zaroori Masail Hindi Mein

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Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai? | Gusl Ke Farz, Sunnat Aur Zaroori Masail
Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

इस्लाम में गुस्ल सिर्फ़ नहाना नहीं, बल्कि पाकी हासिल करने का एक अहम तरीका है। इसलिए हर मुसलमान के लिए यह जानना ज़रूरी है कि गुस्ल का सही तरीका क्या है, इसमें कौन-कौन से फ़र्ज़ और सुन्नत हैं, और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस लेख में आप आसान और दोस्ताना भाषा में गुस्ल करने का सही तरीका, गुस्ल की नियत, फ़र्ज़, सुन्नत और ज़रूरी मसाइल जानेंगे, ताकि आपका गुस्ल शरीअत के मुताबिक सही तरीके से हो सके।

गुस्ल करने का तरीक़ा

गुस्ल में नियत करना सुन्नत हैं। अगर न की तब भी गुस्ल हो जाएगा । गुस्ल की नियत येह हैं कि “मैं पाक होने और नमाज़ जाइज़ होने के वासते गुस्ल कर रहा हूँ / या कर रही हूँ ।

नियत के बाद पहले दोनों हाथ गट्टों (कलाई ) तक तीन मरतबा अच्छी तरह धोए, फिर शर्मगाह और उसके आस पास के हिस्सों को धोए चाहे वहाँ गन्दगी लगी हो या न लगी हो, फिर बदन पर जहाँ गन्दगी हो वहाँ धोए,

इस के बाद गरारा करें कि पानी हलक के आखरी हिस्से, दाँतों की खोन्डों, मसूड़ों वगैरा में बह जाए, कोई चीज़ दातों में अटकी हो तो लकड़ी वगैरा से उसे निकाले फिर नाक में पानी डाले इस तरह की नाक के आखरी हिस्से (हड्डी) तक पानी पहुँच जाए,

और वोह नाक में तेज़ लगे फिर चेहरे को धोए इस तरह के पेशानी से ले कर थुड्डी तक और एक कान से दूसरे कान की लव तक, फिर तीन मरतबा कोहनीयों समेत हाथों पर पानी बहाए फिर सर का मसा करे जिस तरह वज़ू में करते हैं उसी तरह मसा करे ।

इस के बाद बदन पर तेल की तरह पानी मले । फिर तीन मरतबा सर पर पानी डाले फिर तीन मरतबा सीधे मोड़े (कांधे) पर और तीन मरतबा दाएँ मोड़े पर लोटे या मग वग़ैरा से पानी डाले और जिस्म को मलते भी जाए इस तरह कि बदन का कोई हिस्सा सूखा न रहे,Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

सर के बालों की जड़ों बगल में शर्मगाह के हर हिस्से वगैरा सब जगह पानी बहना चाहिये उँगली में अंगूठी हो तो उसे घूमा कर वहाँ पानी पहुँचाए इसी तरह औरत अपने कान की बाली, नाक की नथनी वग़ैरा को घूमा घूमा कर वहाँ पानी पहुँचाए,

सर के बाल खोल ले तो बेहतर है वरना येह अहतियात ज़रूरी है कि सर के बाल और सर की जड़ों तक पानी ज़रूर पहुँचे अब आप इस्लामी शरीअत के मुताबिक पाक हो गये और आप का गुस्ल सही हो गया इस के बाद साबुन वगैरा जो भी जाइज़ चीज़ लगाना हो वोह लगा सकते हैं । आखिर में पैर धो कर अलग हो जाए ।(फतावा-ए-रज़वीया, जिल्द 2. सफा नं. 18, कानूने शरीअत, जिल्द 1. सफा नं. 36)

मसअला : नहाने के पानी में बे वुज़ू शख्स का हाथ, उँगली, नाखून, या बदन का कोई और हिस्सा पानी में बिना धोए चला गया तो वोह पानी गुस्ल और वज़ू के लाएक नही रहा । इसी तरह जिस शख्स पर नहाना (गुस्ल) फ़र्ज़ है उस के जिस्म का भी कोई हिस्सा बिना धोए,

पानी से छू गया तो वोह पानी गुस्ल के लाएक नहीं । इस लिए टाकी वग़ैरा का पानी जिस में घर के कई लोगों के हाथ बगैर धूले हुए पड़ते हैं उस पानी से गुस्ल व वज़ू नहीं करना चाहिये बल्कि गुस्ल के लिए पहले से ही अहतियात से किसी बाल्टी या डरम में अलग ही नल से पानी भर लें । अगर धूला हुआ हाथ या बदन का कोई हिस्सा पानी में चला गया या छू गया तो कोई हर्ज नहीं ।

इसी तरह गुस्ल करते वक्त भी येह अहतियात रखे कि बदन से पानी के छीटें बाल्टी में मौजूद पानी जिस से गुस्ल कर रहे है उस में जाने न पाए वरना वोह पानी भी ना पाक हो जाएगा और फिर उस पानी से गुस्ल नहीं होंगा । (कानूने शरीअत, जिल्द 1, सफा नं. 39)Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

मस्अला : ऐसा हौज़ या तालाब जो कम से कम दस हाथ लम्बा दस हाथ चौड़ा (यानी कम अज कम 10 x 10 fits का ) हो तो उसके पानी में अगर हाथ या नजासत (गन्दगी) चली गई तो वोह पानी ना पाक नहीं होगा, जब तक कि उसका रंग, मज़ा, और उसकी बू न बदल जाए।

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उससे गुस्ल और वज़ू जाइज़ हैं । और अगर रंग या मज़ा या बू बदल – गई तो उस पानी से वज़ू व गुस्ल जाइज़ नही होगा । (कानूने शरीअत, जिल्द 1, सफा नं. 39)Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

मस्अला :- गुस्ल करते वक़्त किबले की तरफ रूख कर के नहाना मना है । गुस्ल खाने में नंगा नहाने में कोई हर्ज नहीं, औरतों को ज़्यादा अहतियात की ज़रूरत है यहाँ तक कि बैठ कर नहाना बेहतर है।

एैसी जगह नहाए जहाँ किसी के देखने का ख़तरा न हो । नहाते वक़्त बात चीत करना, कुछ पढ़ना, चाहे दुआ ही क्यों न हो, कलमा शरीफ, दुरूद शरीफ वगैरा पढ़ना मना है ।

कुछ लोग चड्डी पहने सड़कों के किनारे सरकारी नल में नहाते है येह जाइज़ नहीं बल्कि सख्त गुनाह व हराम है क्यों कि . मर्द को मर्द से भी बदन का घुटने से नाफ (बोम्नी) तक का हिस्सा छुपाना फर्ज है ।(कानूने शरीअत, जिल्द 1, सफा नं. 37)Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

मस्अला :-कुछ लोग ना पाक चड्डी या कपड़ा पहने हुए ही गुस्ल करते है और समझते है कि नहाने में सब कुछ पाक हो जाएगा । येह बेवकुफी है इस से तो गन्दगी फैल कर पूरे बदन को ना पाक कर देती है।

और वैसे भी इस तरीके से चड्डी पाक समझी नहीं जाएगी क्योंकि नापाक कपड़े को तीन बार धोना, और हर बार अच्छी तरह निचोड़ना ज़रूरी है इस लिए पहले ना पाक चड्डी या कपड़े को उतार लें, पाक चड्डी या कपड़ा ही बाँध कर गुस्ल करें ।

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यह FAQ आपकी पोस्ट के लिए SEO और यूज़र दोनों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं:

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. गुस्ल क्या है?

गुस्ल शरीअत के मुताबिक पूरे शरीर को इस तरह धोना है कि शरीर का कोई हिस्सा सूखा न रहे। इससे इंसान पाक हो जाता है।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

2. गुस्ल की नियत कैसे करें?

दिल में यह इरादा करना कि “मैं पाक होने और इबादत के लिए गुस्ल कर रहा/रही हूँ।” ज़बान से कहना ज़रूरी नहीं है।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

3. गुस्ल में कितने फ़र्ज़ होते हैं?

अहले सुन्नत के अनुसार गुस्ल के 3 फ़र्ज़ हैं:

कुल्ली (गरारा) करना।

नाक की नरम हड्डी तक पानी पहुँचाना।

पूरे शरीर पर पानी बहाना।

4. गुस्ल की सुन्नतें क्या हैं?

गुस्ल से पहले हाथ धोना, नापाकी साफ़ करना, वुज़ू करना, पूरे शरीर पर अच्छी तरह पानी बहाना और शरीर को मलना सुन्नतों में शामिल है।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

5. क्या बिना नियत के गुस्ल हो जाता है?

हाँ, अगर गुस्ल के सभी फ़र्ज़ पूरे हो जाएँ तो गुस्ल हो जाता है। नियत करना सुन्नत है।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

6. क्या गुस्ल के बाद अलग से वुज़ू करना ज़रूरी है?

अगर गुस्ल सुन्नत तरीके से किया गया हो और कोई ऐसी चीज़ न हुई हो जिससे वुज़ू टूट जाए, तो अलग से वुज़ू करने की ज़रूरत नहीं होती।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

7. क्या गुस्ल करते समय साबुन लगाना ज़रूरी है?

नहीं। गुस्ल के लिए साबुन लगाना ज़रूरी नहीं है। शरीर के हर हिस्से तक पानी पहुँच जाना ज़रूरी है।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

8. क्या बाल खोलकर गुस्ल करना ज़रूरी है?

अगर बिना बाल खोले बालों की जड़ों तक पानी पहुँच जाता है, तो गुस्ल हो जाता है। अगर पानी जड़ों तक नहीं पहुँचता, तो बाल खोलना ज़रूरी होगा।

9. गुस्ल में कौन-कौन सी गलतियों से बचना चाहिए?

शरीर का कोई हिस्सा सूखा छोड़ देना, कुल्ली या नाक में पानी न पहुँचाना और पानी को पूरे शरीर तक न पहुँचाना आम गलतियाँ हैं।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

10. गुस्ल का सही तरीका कहाँ से सीखें?

गुस्ल का सही तरीका कुरआन, सही हदीस और भरोसेमंद इस्लामी उलमा की किताबों से सीखना चाहिए।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

अल्लाह से एक दिली दुआ…

ऐ अल्लाह! तू हमें सिर्फ सुनने और कहने वालों में से नहीं, अमल करने वालों में शामिल कर, हमें नेक बना, सिरातुल मुस्तक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमा, हम सबको हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से सच्ची मोहब्बत और पूरी इताअत नसीब फरमा। हमारा खात्मा ईमान पर हो। जब तक हमें ज़िंदा रखें, इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखें, आमीन या रब्बल आलमीन।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

प्यारे भाइयों और बहनों :-

अगर ये बयान आपके दिल को छू गए हों, तो इसे अपने दोस्तों और जानने वालों तक ज़रूर पहुंचाएं। शायद इसी वजह से किसी की ज़िन्दगी बदल जाए, और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बन जाए।Ghusl Karne Ka Sahi Tarika Kya Hai?

क्या पता अल्लाह तआला को आपकी यही अदा पसंद आ जाए और वो हमें जन्नत में दाखिल कर दे। इल्म को सीखना और फैलाना, दोनों अल्लाह को बहुत पसंद हैं। चलो मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लें। अल्लाह तआला हम सबको तौफीक़ दे – आमीन।

जज़ाकल्लाह खैर….

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