अगर अली न होते तो उमर हलाक हो जाता|Agar Ali na hote to umar halaq ho jata.
हज़रत अली कर्रमल्लाहु तआला वज्हहुल करीम इल्म के ऐतबार से उलमाए सहाबा में बहुत ऊंचा मकाम रखते हैं। सरकारे अक्दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की …
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Ramzan Mubarak ke roze, taraweeh, sehri, iftar, Laylatul Qadr aur Ramzan ke masail Hindi me
हज़रत अली कर्रमल्लाहु तआला वज्हहुल करीम इल्म के ऐतबार से उलमाए सहाबा में बहुत ऊंचा मकाम रखते हैं। सरकारे अक्दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की …
एक बार हज़रत उम्मे सलमा रज़ियल्लाहु तआला अन्हा के पास कहीं से कुछ गोश्त आया और प्यारे नबी सल्ललाहु ताआला अलैहि वसल्लम को गोश्त बहुत …
बनी इसराईल की एक अक्लमंद दीनदार खातून का ज़िक्र मुहम्मद बिन काब का बयान है कि बनी इस्राईल में एक आदमी बड़ा आलिम और बड़ा …
हुक़ूक़ का बयान मां-बाप के हुकूक :- इनको तकलीफ़ न पहुंचाओ, भले ही इनकी तरफ से कुछ ज़्यादती हो। जुबान से बर्ताव से, इनकी इज़्ज़त …
सब्र और उसका तरीक़ा नफ़्स को दीन की बात पर पाबंद रखना और दीन के खिलाफ उससे कोई काम न होने देना, इसको सब्र कहते …
इस्तिंजे का बयान :- मस्अला 1:- जब सोकर उठे, तो जब तक गट्टे तक हाथ न धो ले,तब तक हाथ पानी में न डाले, चाहे …
सदक़े की बरकत और अल्लाह की रहमत हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि किसी जंगल में एक शख़्स रहता …
हदीस शरीफ में रोज़े का बड़ा सवाब आया है और अल्लाह तआला के नज़दीक रोज़ेदार का बड़ा दर्जा है। प्यारे नबी सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम …
किन वजहों से रोज़ा तोड़ देना जायज़ है उनका बयान मस्अला 1:- अचानक ऐसी बीमारी पड़ गयी कि अगर रोज़ा न तोड़ेंगे, तो जान पर …
सहरी खाने इफ़्तार और करने का बयान मस्अला 1:- सहरी खाना सुन्नत है और भूख न हो और खाना न खाये, तो कम से कम …