ज़कात किस पर वाजिब है ? Zakat Kis Par Wazib hai.
ज़कात हर उस मुसलमान पर वाजिब है जो आकिल, बालिग, आज़ाद, मालिके निसाब हो और निसाब का पूरे तौर पर मालिक हो, निसाबे दीन और …
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Islamic History Islamic History, Ghazwat, Khilafat aur Islami tareekh ke aham waqiat Hindi me.
ज़कात हर उस मुसलमान पर वाजिब है जो आकिल, बालिग, आज़ाद, मालिके निसाब हो और निसाब का पूरे तौर पर मालिक हो, निसाबे दीन और …
मस्नून है कि 29 शाबानुल मुअज़्ज़म को बाद नमाज़े मगरिब चाँद देखा जाए, चाँद नज़र आ जाए तो दूसरे दिन से रोज़ा रखा जाए और …
हज़रत बरा बिन आज़िब रज़ियल्लाहु अन्हुमा फ़रमाते हैं कि हम लोग नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास बैठे हुए थे कि इतने में …
एक रोज़ हुज़ूर सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम मस्जिद से बाहर तशरीफ़ लाये तो आप सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम ने देखा कि शैतान दरवाज़े पर खड़ा …
अल्लाह तआला हकीमे मुतलक है और हर काम हिकमत से खाली नहीं होता। अल्लाह तआला ने जो कुछ भी पैदा फरमाया है, मब्नी बर हिकमत …
राहत-ए-क़ब्र की फज़ीलत :- नेक और आबिद मोमिनीन जब मुनकिर नकीर के सवाल के जवाबात दे चुकेंगे तो उनके लिये हुक्म होगा कि उनकी क़ब्र …
इश्के रसूल सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम में सहाबियात रज़ियल्लाहु अन्नाहुम ने भी आला और नुमाया मिसालें पेश कीं। उनके सीने इश्के नबी सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम …
हुज़ूर -ए-अक्दस सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम बा वुजूद बे शुमार मशागिल के इतने बड़े इबादत गुज़ार थे कि तमाम अम्बिया व मुर्सलीन अलैहिस सलातु वस्सलाम …
खुलफाए राशिदीन ने खिलाफत बज़ोर शमशीर या जब्र के जरिया हासिल नहीं की थी न अपने फ्ज़्ल से छीनी थी बल्कि मुआसरीन पर उन को …
फ़क़ीह अबुल्लैस समरकंदी रहमतुल्लाहि तआला अलैह ने तंबीहुल ग़ाफ़िलीन में एक किस्सा लिखा है। फरमाते हैं कि एक बार हज़रत उमर रज़ियल्लाहो अन्हो नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु …