ज़कात का बयान।Zakaat ka Bayan
अल्लाह तआला का फ़रमान है:- तर्जुमा:- नमाज़ दुरुस्ती से अदा करो और ज़कात दो । (सूरः बक़रह 2, आयत 43 ) वजाहतः इससे ज़कात का …
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हर मर्ज़ का इलाज मौजूद है हज़रत उसामा (र.अ) बयान करते है के, मैं हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ख़िदमत में मौजूद था की, कुछ देहात के रहने वाले आए और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अर्ज़ किया : या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ! क्या हम दवा करें? तो अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः “अल्लाह के बन्दो! ज़रूर दवा किया करोः इसलिये के कोई बीमारी ऐसी नहीं है जिसकी दवा अल्लाह ने न पैदा की हो, सिवाए एक बीमारी के और वह बुढ़ापा है।
अल्लाह तआला का फ़रमान है:- तर्जुमा:- नमाज़ दुरुस्ती से अदा करो और ज़कात दो । (सूरः बक़रह 2, आयत 43 ) वजाहतः इससे ज़कात का …
वलीमा करना सुन्नते मौकेदाह हैं । जान बुझ कर वलीमा न करने वाला सख्त गुनाहगार है।(कीम्या-ए-सआदत, सफा नं. 2611) वलीमा येह है कि सुहाग रात …
मौजूदा ज़माने में ज्यादा बच्चों को मुसीबत समझा जा रहा है। ज़्यादा बच्चे पैदा न हो इस के लिए आज कल निरोध (Condom) कापर-टी, और …
अल्लाह तआला ने इरशाद फ़रमाया-यानी ऐ लोगों तुम जिना के पास भी न भटकना, बेशक वह बड़ी बेहयाई की बात है। फ़ायदा- पास भी न …