इस्लाम की रौशनी में मेहमान नवाज़ी के आदाब। Islam ki Roshani mein mehman navaji ke aadaab.
मेहमान के आने पर खुशी और मुहब्बत जाहिर कीजिए और बड़ी खुशदिली, खुले मन और इज्ज़त के साथ उसका इस्तेकबाल कीजिए । तंगदिली, बेरुखी, कुढ़न …
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मेहमान के आने पर खुशी और मुहब्बत जाहिर कीजिए और बड़ी खुशदिली, खुले मन और इज्ज़त के साथ उसका इस्तेकबाल कीजिए । तंगदिली, बेरुखी, कुढ़न …
मुजाहिद रजियल्लाहु तआला अन्हु हज़रत अबूबक्र सिद्दीक रजियल्लाहु तआला अन्हु और हज़रत अब्दुल्लाह बिन जुबैर रजियल्लाहु तआला अन्हु का हाल नक़ल करते हैं कि जब …
इमाम उल अम्बिया हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया है कि नेक कामों में तुम जल्दी किया करो, इससे पहले कि फ़ितने …
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं कि :- (1) एक मुसलमान दूसरे मुसलमान का भाई है। न उस भाई पर जुल्म करे और न …
प्यारी इस्लामी बहनों, शौहर से मोहब्बत रखना और हर जायज़ बात में उसका कहा मानना सिर्फ एक फ़र्ज़ नहीं, बल्कि अल्लाह और उसके रसूल की …
काबा की तरफ मुंह करके खड़े हो जाइए और नमाज़ की नियत करके दोनो हाथ कंधों तक ऊपर उठाइए, मगर हाथ आंचल से बाहर न …
नमाज़ दीने इस्लाम का अहम रुक्न है। कलिमा पढ़ने के बाद हर बालिग मर्द और औरत पर रोज़ाना दिन रात में पांच नमाज़ें फ़र्ज़ हैं। …
कुर्बानी के जानवर तीन किस्म के है। ऊँट, गाय, बकरी । हर किस्म में इसकी जितनी नौइयतें (किस्में) हैं सब दाखिल है। नर और मादा …
कुर्बानी कई क़िस्म की है। 1. ग़नी और फ़क़ीर दोनों पर वाजिब, 2. फ़क़ीर पर वाजिब हो ग़नी पर वाजिब ना हो, 3. ग़नी पर …
नमाज़े फज्र की दो सुन्नत की निय्यत :- नियत की मैंने दो रकअत नमाज़ सुन्नत की, वास्ते अल्लाह तआला के, वक़्त फ़ज्र का, मुंह मेरा …