22/02/2026

क़ब्रिस्तान जाने के आदाब। Qabristan Jane ke Aadab.

जनाजे के साथ क़ब्रिस्तान भी जाइए और मैय्यत के दफ़नाने में शरीक रहिए और कभी वैसे भी क़ब्रिस्तान जाया कीजिए, इससे आख़िरत की याद ताज़ा …

मैय्यत और दफ़न के सुन्नत तरीक़े। Maiyat aur dafan ke sunnat tarike.

जब किसी ऐसे आदमी के पास जाएँ जो मरने के क़रीब हो तो जरा ऊँची आवाज से कलिमा ‘ला इला-ह इल्लल्लाह मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह’ पढ़ते रहें । …

इस्लाम में खुशी मनाने का हक़। Islam mein Khushi manane Ka haq.

खुशी के मौक़ों पर खुशी जरूर मनाइए । खुशी इनसान का फ़ितरी तक़ाज़ा और जरूरत है। दीन फ़ितरी जरूरतों की अहमियत को महसूस करता है …

कलिमा-ए-तौहीद के फज़ाइल। Kalima-e-Tauheed ke fazail.

हज़रत अबू अय्यूब अन्सारी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है कि हुज़ूरे अक़्दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि जिसने दस मर्तबा यूँ …

तहज्जुद के वक़्त फरिश्तों की तीन जमातें। Tahajjud ke waqt farishton ki teen jamate.

जब रात का आख़िरी पहर होता है तो अल्लाह तआला फरिश्तों की तीन जमातें बना देते हैं। (1) थपकियाँ देकर सुलाने वाले फरिश्ते :- एक …

मोहर्रम में क्या करें क्या ना करें? Moharam mein Kya Karen Kya Na Karen.

मज़हबे इस्लाम में एक “अल्लाह” की इबादत ज़रूरी है साथ ही साथ उसके नेक बन्दों से मुहब्बत व अकीदत भी ज़रूरी है अल्लाह के नेक …

जुमा के दिन के आदाब। Juma ke din ke aadaab.

जुमा के दिन के आदाब। जुमा के दिन सफ़ाई-सुथराई, नहाने-धोने और सजने-सँवरने का पूरा-पूरा एहतिमाम कीजिए । हजरत अब्दुल्लाह बिन उमर रजियल्लाहु तआला अन्हु कहते …

पाकी और सफ़ाई अधा ईमान है। Paki aur Safai aadha Imaan hai.

खुदा ने उन लोगों को अपना महबूब क़रार दिया है जो पाकी और सफ़ाई पर पूरा-पूरा ध्यान देते हैं और नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम …

मेहमानी तहज़ीब अदब और मुहब्बत का पैग़ाम। Mehmani tahzieeb adab aur Mohabbat Ka paigam.

किसी के यहाँ मेहमान जाएँ तो हैसियत के मुताबिक़ मेज़बान या मेजबान के बच्चों के लिए कुछ तोहफे तहाइफ़ लेते जाएँ और तोहफे में मेजबान …